प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए प्रदेश के 93 हजार बड़े किसानों को सरकार की अधिसूचना का इंतजार है। भले ही पीएम मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्र सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में योजना के तहत सभी किसानों को शामिल करने का निर्णय लिया जा चुका है लेकिन किसानों को लाभ बिना अधिसूचना जारी हुए नहीं मिल सकता है।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले पीएम मोदी ने फरवरी माह में यूपी के गोरखपुर में किसान सम्मान निधि योजना का शुभारंभ किया था। योजना के तहत प्रदेश के डेढ़ लाख छोटे किसानों के बैंक खातों में पहली किश्त के रूप में दो हजार रुपये की धनराशि आ गई थी। योजना के तहत प्रदेश के छह लाख किसानों का डाटा केंद्र को भेजा गया था। इसमें चार लाख किसानों को योजना का लाभ अब तक मिला सका हैं। एक लाख किसानों के आवेदन पत्रों में बैंक खाता संख्या, आधार नंबर, मोबाइल नंबर में त्रुटियां होने के कारण उन्हें लाभ नहीं मिला।
वहीं, आचार संहिता लागू होने से किसानों को योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी रुक गई थी। योजना का लाभ दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को दिए जाने की बाध्यता के चलते प्रदेश के 93 हजार बड़ी जोत वाले किसान योजना से बाहर हो गए थे। दूसरी बार केंद्र में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने योजना के तहत लाभार्थी के पास दो हेक्टेयर से अधिक भूमि नहीं होने की शर्त को पहली कैबिनेट बैठक में ही समाप्त कर दिया है। इसके बाद अब सभी किसानों को योजना का लाभ मिल सकेगा। इस क्रम में प्रदेश के 93 हजार बड़े किसानों को केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी होने का इंतजार है, ताकि उन्हें भी योजना का लाभ मिल सके।
किसान सम्मान निधि योजना के तहत सभी किसानों के पात्र होने संबंधी केंद्र की नई अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है। अधिसूचना जारी होने के बाद सभी किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। केंद्र को भेजे गए एक लाख किसानों के आवेदन पत्रों में त्रुटियां पाई गई। जिन्हें संशोधित कर दोबारा से भेजा जाएगा।
-डी.सेंथिल पांडियन, सचिव, कृषि एवं उद्यान
प्रदेश के 6.98 लाख हेक्टेयर पर खेती
राज्य की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। 6.98 लाख हेक्टेयर भूमि पर 10 लाख से अधिक किसान खेतीबाड़ी करते हैं। राज्य गठन के बाद 17 सालों में 0.72 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में कमी आई है। 3.18 लाख हेक्टेयर भूमि बंजर और 1.43 लाख हेक्टेयर परती भूमि है। राज्य का अधिकांश क्षेत्रफल वन भूमि के अंतर्गत है। जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों पर छोटी-छोटी कृषि जोत है।
भूमि का आकार (हेक्टेयर में) किसानों की संख्या
एक हेक्टेयर से कम - 672138
एक से दो - 157330
दो से चार - 64781
चार से दस - 17302
10 से अधिक - 10998