मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
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बाद में पुलिस ने बलवे की धारा में महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अपनी समस्या को रखने का एक वाजिब तरीका होता है। जनता मिलन कार्यक्रम का मकसद भी यही है। परंतु शिक्षिका का व्यवहार अभद्रता की श्रेणी में आता है। जनसाधारण की वाजिब शिकायतों को दूर करने के लिए राज्य सरकार तत्पर है। लोगों की समस्याओं का उनके गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर समाधान हो सके, इसके लिए जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी स्तर पर भी नियमित रूप से शिकायत निवारण शिविर लगाए जाते हैं।
यह थी शिक्षिका की शिकायत
शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा का कहना था कि वह 57 साल की उम्र में भी दुर्गम क्षेत्र में सेवारत हैं। वर्षों से विभाग के चक्कर काट रही हैं। उनका कहना था कि 2015 में मेरे पति की मृत्यु के बाद बच्चों की देखरेख के लिए दून तबादला करने की गुहार लगा रही हूं। पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी अपने कार्यकाल में दिलासा दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिक्षिका का कहना था कि पांच महीने पहले सचिवालय में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी मिली, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।