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देहरादून: जनता दरबार में शिक्षिका ने मुख्यमंत्री को कहे अपशब्द, शिक्षिका के निलंबन के आदेश जारी

Fri, 29 Jun 2018 10:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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urja bahuguna - फोटो : amar ujala
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जनता मिलन कार्यक्रम में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब उत्तरकाशी से आई प्राइमरी शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा ने हंगामा शुरू कर दिया। उसने सीएम को ट्रांसफर न होने पर अपनी समस्या बताई तो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत गुस्सा गए और उत्तरा पंत को सस्पेंड कर देने की धमकी दे दी।

 

जिस पर शिक्षिका ने आपा खो दिया और सीएम को बुरा-भला कह दिया और हंगामा कर दिया। सीएम ने वहां मौजूद महिला पुलिस से उक्त शिक्षिका को बाहर ले जाना को कहा। सीएम के आदेश पर महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और थाने ले आई। उसके खिलाफ शांतिभंग(सीआरपीसी 151) में कार्रवाई की गई। पुलिस ने शिक्षिका को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। उधर, शिक्षा सचिव भूपेंद्र कौर औलख ने शिक्षिका के निलंबन के आदेश जारी कर दिए हैं।

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न्यू कैंट रोड स्थित सीएम आवास में बृहस्पतिवार को जनता मिलन कार्यक्रम चल रहा था। फरियादी अपनी समस्याएं सीएम को बता रहे थे। इसी बीच करीब 11:20 बजे शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा का नंबर आया। उसका कहना था कि वह 25 साल से उत्तरकाशी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जेष्टवाड़ी, नौगांव में तैनात है। वह देहरादून में तबादले की मांग कर रही थी। बात अभी चल ही रही थी कि अचानक शिक्षिका ने आपा खो दिया और सीएम से बहस करने लगी। वह सीएम को अपशब्द बोलने लगी। शिक्षिका के इस रवैये से सीएम बेहद नाराज हो गए। उन्होंने शिक्षिका को बाहर जाने के लिए बोला, लेकिन खफा शिक्षिका बोलती ही रही। 

सीएम ने कहा कि सस्पेंड कर दी जाओगी, लेकिन शिक्षिका चुप नहीं हुई। आखिरकार सीएम ने शिक्षिका को सस्पेंड करने और हिरासत में लेने के आदेश दे दिए। इसके बाद पुलिस शिक्षिका को वहां से ले गई। शिक्षिका चीखती-चिल्लाती रही। हंगामे के कारण कुछ देर कार्यक्रम में व्यवधान पैदा हुआ।

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बलवे की धारा में महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : amar ujala
बाद में पुलिस ने बलवे की धारा में महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अपनी समस्या को रखने का एक वाजिब तरीका होता है। जनता मिलन कार्यक्रम का मकसद भी यही है। परंतु शिक्षिका का व्यवहार अभद्रता की श्रेणी में आता है। जनसाधारण की वाजिब शिकायतों को दूर करने के लिए राज्य सरकार तत्पर है। लोगों की समस्याओं का उनके गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर समाधान हो सके, इसके लिए जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी स्तर पर भी नियमित रूप से शिकायत निवारण शिविर लगाए जाते हैं।

यह थी शिक्षिका की शिकायत
शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा का कहना था कि वह 57 साल की उम्र में भी दुर्गम क्षेत्र में सेवारत हैं। वर्षों से विभाग के चक्कर काट रही हैं। उनका कहना था कि 2015 में मेरे पति की मृत्यु के बाद बच्चों की देखरेख के लिए दून तबादला करने की गुहार लगा रही हूं। पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी अपने कार्यकाल में दिलासा दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिक्षिका का कहना था कि पांच महीने पहले सचिवालय में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी मिली, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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