उत्तराखंड के प्राइमरी स्कूल भी अगले सत्र से इंग्लिश मीडियम हो जाएंगे। प्राथमिक विद्यालयों में यह शुरुआत शिक्षकों की सहमति से होगी। पहाड़ों पर पहले नगरीय विद्यालयों को इंग्लिश मीडियम किया जाएगा, जबकि मैदान में मलिन बस्तियों में चल रहे स्कूलों से इसकी शुरुआत होगी।
नैनीताल जिले से 45 स्कूलों के शिक्षकों ने स्कूलों को इंग्लिश मीडियम करने को अपनी मौखिक सहमति दे दी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अनिल कुमार नेगी ने प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारियों को जो पत्र जारी किया है। इसमें लिखा है कि जिलों में शिक्षकों की सहमति से इंग्लिश मीडियम की शुरुआत की जाए।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों ने सभी सीआरसी और बीआरसी से ऐसे स्कूलों और शिक्षकों की सूची मांगी है। अधिकांश जिलों ने शिक्षकों की सहमति सहित स्कूलों की सूची सौंप भी दी है। नैनीताल जिले के सभी ब्लाकों से 45 स्कूलों के शिक्षकों ने इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई की सहमति दी है।
जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक आरसी पुरोहित ने बताया कि फिलहाल शिक्षकों की मौखिक सहमति शासन को भेजी गई है। अब उनसे लिखित सहमति पत्र लिया जाना है। उन्होंने बताया कि अगले सत्र से कई स्कूलों में इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई शुरू हो सकती है।
पलायन में आएगी कमी
प्राथमिक स्कूलों में यदि इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई का प्रयोग सफल होता है तो इससे काफी हद तक पहाड़ पर खाली हो रहे गांवों में आबादी रुक सकती है। क्योंकि पहाड़ पर पलायन का बड़ा कारण शिक्षा भी है। इंग्लिश मीडियम में बच्चों को पढ़ाने की चाह में लोग गांव छोड़ कस्बों की तरफ भाग रहे हैं।
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