मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईआईटी रुड़की के उपाधिधारकों को बधाई देते हुए कहा कि मानव व्यवहार से तकनीक को सहजता से जोड़ना, शिक्षित व्यक्ति का कर्तव्य है। प्राप्त शिक्षा का उपयोग, देश के कल्याण में किस तरह से किया जा सकता है, इस पर विचार करें। उन्होंने कहा कि कठिन प्रतिस्पर्धा के दौर में छात्रों का जीवन काफी तनावपूर्ण हो रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग के संदेश को अपनाने की जरूरत है। इससे जीवन तनावमुक्त होता है और नई ऊर्जा का संचार होता है। तभी फिट इंडिया का स्वप्न साकार होगा।
प्रधानमंत्री ने पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का संकल्प लिया है। इसमें हम सभी को सहभागी बनना है। देश को मजबूत करने में अपना योगदान करना है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का देवभूमि आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि आईटीआईटी रुड़की, प्रतिष्ठित संस्थान है। हमारे राज्य की पहचान है। देश दुनिया में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में इसका बहुत बड़ा योगदान रहा है। विश्वप्रसिद्ध मैग्जीन टाईम पत्रिका में आईआईटी रुड़की को इमरजिंग यूनिवर्सिटीज रेंकिंग में विश्व में 35 वां स्थान दिया गया है। उत्तराखंड में इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, कृषि आदि क्षेत्रों के बड़े और उच्च स्तरीय संस्थान हैं, ये हमारे लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईआईटी रुड़की में इसरो द्वारा अंतरिक्ष विज्ञान का प्रकोष्ठ स्थापित किया जा रहा है। इससे अंतरिक्ष के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा मिलेगा। संस्थान ने कई विशेष उपलब्धियां भी हासिल की हैं। भूकम्प की पूर्व चेतावनी देने की तकनीक विकसित करने में अच्छा काम किया है। यह उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्यों के लिए बहुत उपयोगी रहेगा। आज से 350 साल पहले मलेथा की सुरंग बनी थी और आज भी इसके माध्यम से सफलतापूर्वक पानी की आपूर्ति की जा रही है। 350 साल पहले किस तरह इसे बनाया गया, इसका अध्ययन भी किया जा सकता है।
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने उपाधिधारक छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि युवावस्था की श्रेष्ठतम ऊर्जा तथा श्रेष्ठतम संस्थान की शिक्षा आपके पास है। हर कठिन परिस्थिति को सुगम बनाने की ताकत आपके पास है। इस प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन करने का यही सही समय है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आईआईटी का 72 वर्षों का गौरवशाली इतिहास है। इस गौरवशाली परम्परा को संस्थान के छात्रों को कायम रखना है। प्रधानमंत्री मोदी के नए भारत एवं श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को बेहतर तकनीक के माध्यम से साकार करने का आप माध्यम बनेंगे। उन्होंने कहा कि युवा जनसंख्या वाला हमारा देश, आप सबकी प्रतिभा के साथ हर चुनौती का सामना करेगा। हम निरन्तर प्रगति की ओर बढ़ रहे हैं। यह आप पर भी निर्भर करता है कि अपनी प्रतिभा का कैसे बेहतर से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने संस्थान के क्रिया-कलापों की जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि आज के दीक्षांत समारोह में 2029 छात्रों, जिनमें से 309 पीएचडी छात्र हैं, ने अपनी उपाधि ग्रहण की। इस अवसर पर देश की प्रथम महिला सविता कोविन्द, राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य, मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, आयुक्त गढ़वाल रमन रविनाथ, आईजी.गढ़वाल राजीव रौतेला आदि उपस्थित थे।
इस दौरान 2029 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। इनमें 1018 यूजी, 702 पीजी और 309 पीएचडी डिग्री शामिल हैं। समारोह में पहली बार इंजीनियरिंग एंड साइंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्यों के लिए पीएचडी कर चुके तीन छात्रों को डॉक्टरल एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किया गया। राष्ट्रपति के आगमन से करीब डेढ़ घंटा पूर्व आईआईटी के सभी गेटों पर एंट्री बंद कर दी गई।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का मिनट दर मिनट का कार्यक्रम तय है। आईआईटी रुड़की में कार्यक्रम के बाद दोपहर दो बजकर 20 मिनट पर राष्ट्रपति हरिद्वार के लिए रवाना हुए। बीएचईएल हेलीपैड पर उनके विमान को उतारा गया। राष्ट्रपति का काफिला यहां से वाया भगत सिंह चौक, प्रेमनगर पुल से होते हुए कनखल स्थित हरिहर आश्रम पहुंचा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वामी अवधेशानंद सरस्वती से बंद कमरे में मुलाकात की।
इससे पहले पत्नी सहित पहुंचे राष्ट्रपति का स्वामी अवधेशानंद और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने स्वागत किया । वहीं इस कार्यक्रम में मीडिया को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। यह राष्ट्रपति की व्यक्तिगत यात्रा है, जिसमें मीडिया को प्रवेश की अनुमति नहीं है।
इस दौरान कोविंद आश्रम स्थित पारदेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। करीब डेढ़ घंटे बाद वह शाम चार बजे बीएचईएल हेलीपैड से ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगे।
पुलकित सिंघल : बीटेक मेकेनिकल इंजीनियिरिंग, प्रेजीडेंट गोल्ड मेडल अवार्ड
(संस्थान में सबसे अधिक सीजीपीए हासिल करने पर)
ऋतुराज सिंह : बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इंस्टीट्यूट सिल्वर मेडल
(संस्थान में दूसरे नंबर पर सर्वाधिक सीजीपीए हासिल करने पर)
तान्वी वर्मा : बीटेक इंजीनियिरिंग फिजिक्स, इंस्टीट्यूट ब्रॉंज मेडल
(तीसरे नंबर पर सबसे अधिक सीजीपीए हासिल करने पर)
सुमित कुमार यादव : बीटेक इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, डायरेक्टर गोल्ड मेडल
(संस्थान में बेस्ट आलराउंडर बनने पर)
शिवम जिंदल : बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, द प्रेजीडेंट ऑफ इंडिया डॉ. शंकर दयार शर्मा गोल्ड मेडल
(यूजी और पीजी छात्रों में सामाजिक सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने पर )
अनंत वशिष्ठ : बीटेक प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग, डॉ. जयकृष्णा गोल्ड मेडल
(यूथ लीडरशिप के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने पर)
इन्हें मिला एक्सीलेंस इन डॉक्टरल रिसर्च अवार्ड
डॉ. धीरज राज : डिपार्टमेंट ऑफ अर्थक्वेक इंजीनियरिंग
डॉ. योगेश कुमार मनीभाई मकवाना : डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
डॉ. पल्लवी गुप्ता : सेंटर ऑफ नैनो टेक्नोलॉजी