देहरादून आए राष्ट्रपति का एक राज लाख छुपाने के बाद भी सामने आ गया। सोमवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को लंच में 'कॉर्न चटखारा पालक' बहुत अच्छी लगी।
खाते वक्त वह कुछ बोले नहीं, लेकिन पालक में उनकी दिलचस्पी देख यह राज खुल गया।
राष्ट्रपति भवन से जिला प्रशासन को जानकारी दी गई थी कि प्रणब दा एक अप्रैल से शाकाहारी हो गए हैं। इसके बाद यूपीईएस में उनके लिए शाकाहारी भोजन तैयार करवाया गया। मेनू में टमाटर सूप, मशरूम मुमताजी, कोफ्ता मुगलई, कॉर्न चटखारा पालक, लाल मूसा दाल, प्लेन राइस, प्लेन दही, फ्रेश हरी सलाद, अंकुरित दालों का सलाद, चना खीर, गुलाब-ए-गुलकंद शामिल था।
भोजन के बाद राष्ट्रपति ने अनानास, सेब और अनार से तैयार फ्रूट सलाद लिया। इससे पूर्व खाद्य निरीक्षक की जांच के बाद ही राष्ट्रपति को भोजन परोसा गया।
डिबेट से निकलता है हल
दून पहुंचे राष्ट्रपति ने विज्ञानियों को सलाह दी कि प्राकृतिक गैस, क्रूड तेल के में कैसे आत्म निर्भर हों, इसके लिए आपस में डिबेट करें। डिबेट से हल निकलता है। इसके लिए उन्होंने अमेरिका का उदाहरण दिया और बताया कि इससे नसीहत लेनी चाहिए। कभी अमेरिका बड़ी मात्रा में ये सारी चीजें आयात करता था, लेकिन उसने डिबेट शुरु की। इसका नतीजा रहा कि शेल गैस की खोज कर ली।
पानीपत के प्रथम युद्ध का जिक्र
आईआईपी में अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने नवीनतम तकनीक के इस्तेमाल के फायदे के संबंध में 12 अप्रैल 1526 को हुए पानीपत के प्रथम युद्ध का उदाहरण दिया।
यह युद्ध बाबर और सुल्तान इब्राहिम लोदी के बीच हुआ था। उन्होंने कहा कि बाबर ने तब नवीनतम तकनीक ‘फायर वर्क्स’ का इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से लोदी की लंबी-चौड़ी फौज हार गई।
रुपये की गिरावट पर बोले ‘वित्त मंत्री’
अपने अभिभाषण के दौरान रुपये की गिरावट पर चर्चा करते हुए राष्ट्रपति अपने वित्त मंत्री वाले रूप में नजर आए। कई तर्कों के साथ उन्होंने साफ किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति से देश की आर्थिकी के लिए चिंता जैसी कोई बात नहीं है।
रुपये की हालत पर दिलासा बांधने के अंदाज में प्रणब दा ने कहा कि देश की विकास दर के 50 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत लगातार तरक्की की ओर बढ़ा है।
इस अवधि में हर दशक की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि गत दस वर्ष में विकास दर की तेजी से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि भविष्य में रुपये की गिरावट पर काबू पाकर देश फिर मजबूत होकर उभरेगा।