राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तराखंड के पौराणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक पर्यावरणीय महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पर्वतराज हिमालय और उत्तराखंड के शूरवीर भारत माता के प्रहरी रहे हैं। जनरल बिपिन रावत, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, जनरल विपिन चंद्र जोशी, राजेश सिंह अधिकारी, मेजर विवेक गुप्ता, राइफल मैन जसवंत सिंह रावत, सैनिक दीवान सिंह को नमन किया और कहा कि उत्तराखंड की भूमि ऐसे वीरों की जननी है। इस धरती के शूरवीरों को अशोक चक्र व कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।
उन्होंने रानी कर्णावती, गौरा देवी, बछेंद्रीपाल, बसंती बिष्ट, वंदना कटारिया के गौरव को महिला सशक्तिकरण का अनूठा उदाहरण बताया। वीरचंद्र सिंह गढ़वाली, श्रीदेव सुमन, इंद्रमणि बडोनी, गोविंद बल्लभ पंत को भी याद किया। उन्होंने कहा कि राज्य की युवा पीढ़ी को इन विभूतियों और प्रतिभाओं के बारे में बताया जाना चाहिए। उन्होंने अर्जुन पुरस्कार विजेता लक्ष्य सैन को युवाओं की प्रेरणा बताया।
सोचा नहीं था तीनों सेनाओं की प्रमुख मेरे घर आएंगी : धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि कभी सोचा नहीं था कि एक सैनिक बेटे के घर पर तीनों सेनाओं की प्रमुख आएंगी। बेशक ये मेरा सरकारी आवास है, लेकिन राष्ट्रपति का आना उत्तराखंड के सवा करोड़ नागरिकों के लिए गर्व की बात है। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री, पार्टी के विधायक, वरिष्ठ नौकरशाह और कई अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद थे।
राज्य के निवासियों का जीवन यहां के वातावरण की तरह पवित्र : राज्यपाल
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने राष्ट्रपति के दौरे से उत्तराखंड ऊर्जावान और गौरवशाली महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि यहां के निवासियों का जीवन और संस्कृति, यहां के वातावरण की तरह पवित्र है। उन्होंने उत्तराखंड की महिलाओं को राज्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। स्कूली शिक्षा के लिए जाना जाने वाले उत्तराखंड को अब उच्च शिक्षा के लिए एक आदर्श राज्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
2001 करोड़ की नौ योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण
राष्ट्रपति ने 528.35 करोड़ की तीन परियोजनाओं के लोकार्पण और 1473.59 करोड़ के शिलान्यास किए।