I
I
I
I- मदरसों के बच्चों के पैरों में चप्पल जूते तक नहीं थेI
उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने शनिवार को चकराता मार्ग जीवनगढ़ स्थित एक मदरसे का औचक निरीक्षण किया। यहां पर बच्चों को ऐसी सर्दी में भी नीचे फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। बच्चों के पैरों में चप्पल जूते तक नहीं थे। मदरसे में शिक्षण व्यवस्था, शौचालय, कक्षाओं और शिक्षकों की व्यवस्था का जायजा लिया गया। यहां भी व्यवस्थाएं ठीक नहीं मिली।
मदरसे के बाहर मुख्य चकराता मार्ग पर जीवनगढ़ के एक निजी विद्यालय के बाहर यातायात की व्यवस्था बदहाल दिखाई दी। सभी बच्चे प्राइवेट वाहनों से आवाजाही करते हैं। एक टैंपो ट्रैवलर में सात सीटर पर 10 से 11 सवारियां बैठाई हुई थीं। इसका संज्ञान लेते हुए डॉ. गीता खन्ना ने क्षेत्रीय संभागीय परिवहन अधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी से कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए।
इसके बाद विकासनगर के बाल विकास केंद्र में पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग और बाल विकास परियोजना के अधिकारियों से बैठक कर निर्देश दिए कि बच्चों और अभिभावकों को बाल अधिकार की जानकारी दी जाए।
Iसभी स्कूलों में हो अग्निशमन यंत्र की व्यवस्थाI
छात्र-छात्राओं को सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने के कारण को भी स्पष्ट रूप से सभी के सामने रखा जाए। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए के वो जल्द सभी विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र की पूर्ण रूप से व्यवस्था करें। इस मौके पर बाल विकास परियोजना विभाग से सौरभ उनियाल, शिक्षा विभाग से योगेश गुप्ता, चौकी प्रभारी कुल्हाल उप निरीक्षक प्रवीण सैनी मौजूद रहे।