उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के राजपुर रोड स्थित द प्रेसीडेंट बॉडीगार्ड एस्टेट स्थित राष्ट्रपति का 'आशियाना' अब भूकंप के झटकों से भी महफूज रहेगा। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की की मदद से रेनोवेट हुए इस ब्रिटिशकालीन बंगले में भूकंपरोधी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
मंगलवार को एक सादे समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसका लोकार्पण किया। इससे पहले राष्ट्रपति तीन दिवसीय यात्रा पर उत्तराखंड पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर राज्यपाल डॉ. केके पाल और मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उनकी अगवानी की। पुष्प गुच्छ देने की औपचारिकता पूरी करने के बाद राष्ट्रपति का काफिला राजपुर रोड स्थित आशियाना पहुंचा।
इसी भवन में तीन दिन ठहरेंगे राष्ट्रपति
president pranab mukherjee in dehradun
- फोटो : AmarUjala
इसके बाद राष्ट्रपति ने निम्न आय वर्ग के लिए बनाए जा रहे सैंपल फ्लैट का शिलान्यास किया। साथ ही रेनोवेशन के बाद तैयार किए गए बंगले का लोकार्पण किया। अगले तीन दिन राष्ट्रपति इसी भवन में निवास करेंगे। बुधवार को उनका केदारनाथ जाने का कार्यक्रम है। बताते चलें कि कई वर्षों से यह आशियाना इस्तेमाल में नहीं लाए जाने के कारण जीर्णशीर्ण हालात में था। 18 साल बाद राष्ट्रपति यहां पहुंचे हैं।
अधिशासी अभियंता आरएम निरंजन ने बताया कि करीब डेढ़ करोड़ की लागत से बंगले को फिर से नया रूप दिया गया है। इस बार सीबीआरआई रुड़की की मदद से इसे भूकंपरोधी बनाया गया है। बुधवार सुबह राष्ट्रपति केदारनाथ धाम के लिए रवाना होंगे।
ब्रिटिश आर्किटेक्चर का बेहतरीन नमूना
president pranab mukherjee in dehradun
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द प्रेजिडेंट बॉडीगार्ड एस्टेट को करीब एक माह की मेहनत से बिल्कुल नया बना दिया गया है। देखरेख के अभाव में ब्रिटिश आर्किटेक्चर के इस बेहतरीन नमूने की दीवारों में दरार आ गई थी और छतों से पानी टपकने लगा था।
इसके अलावा लॉन में बड़ी-बड़ी झाड़ियां और खरपतवार उग आए थे। करीब एक माह पूर्व इस बंगले का रेनोवेशन कार्य आरंभ किया गया था। करीब डेढ़ करोड़ की लागत से इसे फिर से नया रूप दिया गया है। इस बार सीबीआरआई रुड़की की मदद से इसे भूकंपरोधी बनाया गया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी इस शानदार इमारत की तारीफ किए बगैर रह नहीं सके।