पाकिस्तान से माइग्रेट होकर आने पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यहां महिला को जमीन दी गई। इस जमीन पर विगत कईं सालों से एक बुजुर्ग महिला अपने भाई के साथ रहती हैं। लेकिन अब इस जमीन पर भूमाफिया की नजरें गढ़ी हैं। भूमाफिया महिला की अनुपस्थिति में कई बार इस पर कब्जे का प्रयास कर चुके हैं।
प्रेमनगर में सरकारी जमीनों को कब्जाने का खेल जमकर चल रहा है। हैरत की बात तो यह है कि कैंट बोर्ड भी इस पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। भूमाफिया के हौंसले इतने बुलंद है कि राष्ट्रपति द्वारा आवंटित जमीन को भी कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। अब जिला प्रशासन की इसकी जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार ने जांच कर रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है।
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दरअसल, प्रेमनगर में रहने वाले एक परिवार का कहना है कि पाकिस्तान से माइग्रेट होकर आने पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यहां उनको जमीन दी गई। इस जमीन पर विगत कईं सालों से एक बुजुर्ग महिला अपने भाई के साथ रहती हैं। लेकिन अब इस जमीन पर भूमाफिया की नजरें गढ़ी हैं। भूमाफिया महिला की अनुपस्थिति में कई बार इस पर कब्जे का प्रयास कर चुके हैं।
भूमाफिया ने बनाई दीवार
महिला की अनुपस्थिति में जमीन पर खुलेआम ईंट, रेत और बजरी तक गिरा दिए जाते हैं। महिला कई बार इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, एसएसपी और कैंट से कर चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक बार कैंट बोर्ड ने यहां पर कब्जा के प्रयास को रोक दिया।
लेकिन 15 अगस्त को भूमाफिया ने यहां दीवार बनानी शुरू कर दी। हालांकि सूचना पर तहसीलदार ने दीवार के निर्माण को रोक दिया। बताया जा रहा है भूमाफिया प्रेमनगर क्षेत्र के ही हैं। तहसीलदार मोहम्मद शादाब ने बताया कि मामले में रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है।