- दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर अंडरपास बनने से वन्यजीवों का मूवमेंट बढ़ने की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। दून-दिल्ली एक्सप्रेस वे पर अंडरपास बनने से राजाजी टाइगर रिजर्व से बाघ समेत दूसरे वन्यजीवों का मूवमेंट बेहतर होने की संभावना है। यह वन्यजीव राजाजी टाइगर रिजर्व से यूपी और हिमाचल के जंगलों तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में वन्यजीवों की बेहतर सुरक्षा और प्रबंधन के लिए पहली बार ट्रांस बाउंड्री टाइगर रिजर्व योजना का खाका खींचा गया है।
इस संबंध में बुधवार को टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन फॉर सीटीआर की 11वीं बैठक में फैसला लिया गया है। राजाजी टाइगर रिजर्व और यूपी के जंगल सटे हुए हैं। पर पूर्व में निर्मित दिल्ली-सहरानपुर मार्ग पर वाहनों का संचालन होने से उनका आवागमन प्रभावित होने की बात कही जाती थी। अब यहां पर एक्सप्रेसवे पर अंडरपास बन गया है। इसमें वन्यजीवों का मूवमेंट हो रहा है। पूर्व में यूपी से होते हिमाचल तक बाघ के पहुंचने की बात भी कही जाती थी। अब वन्यजीवों का मूवमेंंट बढ़ सकता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर विचार शुरू हुआ है। इसी के तहत ट्रांस बाउंड्री टाइगर रिजर्व बनाने का विचार किया गया है।
इस प्रस्ताव के लिए उत्तराखंड पहल करेगा। पहले दोनों राज्यों से सहमति बनाने को लेकर प्रयास होंगे। इसमें उच्च स्तर से भी संपर्क किया जाएगा। तीनों राज्यों में सहमति बनने के बाद प्रस्ताव नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के पास भेजा जाएगा। इसके बाद एनटीसीए फैसला करेगा। वनाधिकारियों के अनुसार ट्रांस बाउंड्री टाइगर रिजर्व में राज्यों के अपने-अपने क्षेत्र शामिल रहेंगे और वे अपने स्तर से सुरक्षा और प्रबंधन करेंगे।
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मैदावन गेट से पर्यटन सफारी शुरू करने की तैयारी
मसूरी चिड़ियाघर में वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्बेट टाइगर रिजर्व के मैदावन गेट से पर्यटन सफारी को शुरू करने पर सहमति बनी। इसके अलावा पर्यटकों के लिए झिरना ढेला, बिजरानी गर्जिया जोन में फुल डे सफारी के क्रियान्वयन की सहमति बनी। सीटीआर से पांच बाघों को राजाजी टाइगर रिजर्व में हस्तांतरित करने का भी निर्णय हुआ। इस दौरान कार्ययोजनाओं को भी मंजूर किया गया। बैठक में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, दलिप सिंह रावत, सचिव सी रविशंकर, प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र, एपीसीसीएफ विवेक पांडे, कार्बेट टाइगर रिजर्व निदेशक साकेत बडोला आदि मौजूद थे।