फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand News: प्रदेश के खेल प्रशिक्षकों का मानदेय 15 से बढ़ाकर 48 हजार करने की तैयारी, प्रस्ताव तैयार

Sat, 17 Jun 2023 10:50 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

खेल मंत्री ने कहा प्रदेश में लगभग 200 खेल प्रशिक्षक संविदा पर हैं। खासकर पर्वतीय जिलों में इनकी पिछले काफी समय से कमी है। इसकी एक वजह इनका बहुत कम मानदेय है।
 
विज्ञापन
मंत्री रेखा आर्य - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

खेल विभाग में संविदा पर कार्यरत खेल प्रशिक्षकों का मानदेय भारतीय खेल प्राधिकरण की तर्ज पर 15 से बढ़ाकर न्यूनतम 48 हजार रुपये करने की तैयारी है। खेल मंत्री रेखा आर्य ने निदेशालय में हुई खेल विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


मंत्री ने कहा खेल प्रशिक्षकों को पहाड़ चढ़ाने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए मानदेय बढ़ाया जाना जरूरी है। खेल मंत्री ने कहा प्रदेश में लगभग 200 खेल प्रशिक्षक संविदा पर हैं। खासकर पर्वतीय जिलों में इनकी पिछले काफी समय से कमी है। इसकी एक वजह इनका बहुत कम मानदेय है।

कुछ खेल प्रशिक्षक पीआरडी जवानों से भी कम मानदेय पा रहे हैं। विभाग को पर्याप्त और अच्छे खेल प्रशिक्षक मिल सकें, इसके लिए साई की तर्ज पर इनका मानदेय बढ़ाए जाने का निर्णय लिया गया है। साई में खेल प्रशिक्षक को न्यूनतम 48 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। विभिन्न श्रेणियों के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। इसी तरह खेल विभाग में भी मानदेय बढ़ाया जाएगा, लेकिन मानदेय के लिए जो अर्हता साई की है, वही अर्हता होनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

खिलाड़ियों को सीधे नौकरी के लिए शासन को भेजा प्रस्ताव

खेल मंत्री ने कहा राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को दो हजार ग्रेड पे के प्रस्ताव तो वित्त विभाग ने लौटा दिया था। अब विभाग की ओर से फिर से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। शासन की ओर से पंजाब, हरियाणा, यूपी आदि में इसे लेकर किस तरह की व्यवस्था है उसका अध्ययन किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें...UKSSSC: पेपर लीक के सदमे से निकलने के बाद आयोग ने  25 दिन में पूरी सचिवालय रक्षक भर्ती, अंतिम परिणाम जारी

हरिद्वार जिले में बच्चों की कम संख्या पर जताई नाराजगी

खेल मंत्री रेखा आर्य ने हरिद्वार जिले में मुख्यमंत्री खिलाड़ी उदीयमान उन्नयन योजना के तहत मात्र 240 बच्चों को लाभ मिलने पर नाराजगी जताई। मंत्री ने कहा योजना के तहत हर जिले में 150 बालक और 150 बालिकाओं को लाभ दिया जाना है। इतना बड़ा जिला होने के बाद भी पर्याप्त खिलाड़ियों का चयन न हो पाना चिंता का विषय है। मंत्री ने कहा इस तरह के मामलों में अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण अभिनव कुमार,निदेशक खेल जितेंद्र सोनकर,संयुक्त निदेशक धर्मेंद्र भट्ट ,संयुक्त निदेशक एसके. सार्की,सहायक निदेशक खेल एसके. डोभाल,महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश ममगाई आदि मौजूद रहे।

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें