फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: जूनियर हाईस्कूलों के 9512 शिक्षकों के एलटी में समायोजन की तैयारी, प्रारूप तैयार कर शासन को भेजा

Wed, 25 Jun 2025 03:11 PM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा,अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

शिक्षा विभाग में भी त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था के लिए जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापकों के 11555 पदों में से 2043 पदों को प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय के पद पर समायोजित किए जाने एवं अन्य 9512 पदों को टीजीटी (सहायक अध्यापक एलटी) में समायोजित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए शिक्षकों से विकल्प लिए जाएंगे।
विज्ञापन
शिक्षक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिक्षा विभाग में जूनियर हाईस्कूलों के 9512 शिक्षकों को सहायक अध्यापक एलटी में समायोजित किए जाने की तैयारी है। विभाग ने इसके लिए त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था का प्रारूप तैयार किया है। जिसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि केंद्रीय विद्यालयों में पीआरटी, टीजीटी और पीजीटी की व्यवस्था है। इसी तरह शिक्षा विभाग में भी त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था के लिए जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापकों के 11555 पदों में से 2043 पदों को प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय के पद पर समायोजित किए जाने एवं अन्य 9512 पदों को टीजीटी (सहायक अध्यापक एलटी) में समायोजित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए शिक्षकों से विकल्प लिए जाएंगे।

वहीं, जूनियर हाईस्कूल प्रधानाध्यापकों से विकल्प प्राप्त कर उन्हें पीजीटी माध्यमिक विद्यालय या वरिष्ठ अध्यापक या वरिष्ठ प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालयों में समायोजित किया जाएगा। भविष्य में इन पदों पर कोई नियुक्ति, पदोन्नति नहीं होगी। प्रस्ताव के मुताबिक जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक के 1998 पदों में से 955 पदों को प्राथमिक विद्यालयों में वरिष्ठ प्रधानाध्यापक एवं अन्य 1043 पदों को पीजीटी (प्रवक्ता) में समायोजित किया जाएगा। वहीं, प्राथमिक विद्यालयों में विकासखंड मुख्यालयों, संकुल मुख्यालय, आदर्श प्राथमिक विद्यालय में वरिष्ठ प्रधानाध्यापकों की तैनाती की जाएगी।

ये भी पढे़ं....Uttarakhand: जुलाई में होगा विधानसभा का मानसून सत्र, विशेष शिक्षा शिक्षक सेवा नियमावली पर कैबिनेट की मुहर

शिक्षा विभाग में त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था को लागू किया जाना है। निदेशालय इसका प्रस्ताव शासन को भेज चुका है। - पदमेंद्र सकलानी, अपर शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा

विज्ञापन


 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें