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Iकारोबारी से डकैती के मामले में पकड़े गए मास्टरमाइंड हसीन उर्फ अन्ना और प्रेम मोहन को भी न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। अब तक इस मामले में तीन सिपाहियों समेत नौ लोग जेल जा चुके हैं। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने एक अन्य व्यक्ति से भी इसी तरह की लूट को अंजाम देने का षड्यंत्र रचा था। पुलिस इसकी तस्दीक में जुटी हुई है। हालांकि, अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है।I
Iगौरतलब है कि रविवार को ऋषिकेश के रहने वाले यशपाल सिंह असवाल ने प्रेमनगर पुलिस को शिकायत की थी कि कुंदन नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था। उसने बताया था कि उसके तीन साथियों राजेश रावत, राजेश कुमार चौहान और एक अन्य के पास 20 हजार अमेरिकन डॉलर हैं। इन्हें वे लोग सस्ते में बेचना चाहते हैं। इस पर असवाल ने 20 हजार डॉलर का सौदा कुल आठ लाख रुपये में कर लिया। यह रकम लेकर असवाल 31 जनवरी को देहरादून पहुंचे थे। कुंदन ने उन्हें झाझरा स्थित हनुमान मंदिर के पास बुलाया था। वहां पर उसे एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी और पांच अन्य लोग मिले। इन लोगों को असवाल ने अपने पास रखा रुपयों से भरा बैग दिखाया। एकाएक इन लोगों ने असवाल से बैग छीन लिया।
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Iइस बैग में साढ़े सात लाख रुपये थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने ढाई लाख रुपये असवाल को वापस कर दिए और पांच लाख रुपये लेकर वहां से भाग गए। पुलिस ने दो फरवरी को इस घटना में शामिल रहे प्रेमनगर के सिपाही इकरार, आईआरबी के दो सिपाही अब्दुल रहमान व सालम, राजेश कुमार रावत, राजेश कुमार चौहान, कुंदन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने सोमवार दोपहर को रुड़की के जलालपुर के रहने वाले हसीन उर्फ अन्ना और प्रेम मोहन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इन दोनों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया है। बता दें कि घटना में शामिल तीनों आरोपी सिपाहियों को सोमवार को ही निलंबित कर दिया गया है।I