सिपाही इकरार की संदिग्ध रहीं हैं गतिविधियां
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिपाही इकरार पहले से संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त रहा है। उसके खिलाफ पहले भी कई तरह की शिकायतें हो चुकी हैं। इनमें से एक मामले में उसकी विभागीय जांच भी हुई थी। हालांकि, इसमें उसे क्लीन चिट मिली या कोई दंड इसके बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। इसी तरह आईआरबी से बाकी दोनों सिपाहियों की रिपोर्ट भी मंगाई जा रही है।
हत्या के मामले में जेल जा चुका है राजेश
आरोपियों में से राजेश रावत का आपराधिक इतिहास है। वह एक बार हत्या के आरोप में जेल जा चुका है। पुलिस के अनुसार इनमें से एक व्यक्ति पहले नशा तस्करी में भी जेल जा चुका है। पुलिस हिमाचल प्रदेश के रहने वाले आरोपी के आपराधिक इतिहास के बारे में भी जानकारी कर रही है।
एक करोड़ लूटने की बना रहे थे योजना
यशपाल असवाल से लूट की योजना सफल होने के बाद अब आरोपी बड़ा कांड करने की योजना बना रहे थे। पुलिस को आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने एक कारोबारी को इसी तरह डॉलर सस्ते में खरीदने का लालच दिया था। इस बार यह षड्यंत्र एक करोड़ रुपये लूटने का था। हालांकि, इनके पकड़े जाने के बाद उनका यह षड्यंत्र कामयाब नहीं हो पाया।
ढाई लाख रुपये वापस देकर कहा, चले जाओ बताना नहीं किसी से
यशपाल असवाल अपने बैग में साढ़े सात लाख रुपये लेकर पहुंचे थे। आरोपियों ने उनसे रुपयों भरा बैग लूट लिया और इसमें से ढाई लाख रुपये उन्हें तत्काल वापस कर दिए। बताया जा रहा है कि यह रकम उन्होंने इसलिए लौटाई कि कम रकम जाने की वजह से वह किसी को यह बात नहीं बताएंगे। ढाई लाख रुपये वापस देते हुए अब्दुल ने यशपाल से कहा था चले जाओ, किसी को बताना नहीं। यही कारण रहा कि यशपाल असवाल ने पुलिस को सूचना देने में देरी कर दी। इसके बाद जब उन्होंने परिचितों से मशविरा किया तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। हालांकि, ढाई लाख रुपये वापस क्यों दिए, उसका कारण सिर्फ इतना था यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है।
विजिलेंस को भी लग गई थी भनक
बताया जा रहा है कि इस तरह की घटना की भनक विजिलेंस को भी लगी थी। हालांकि, उस वक्त तक सूचना थी कि किसी सिपाही ने रिश्वत मांगी है, लेकिन जब तक विजिलेंस इसकी पुष्टि करती तब तक जिला पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।