प्रेमनगर में देव ज्वैलर्स से नकदी समेत लाखों रुपये का सोना लूटने वाले बदमाशाें की तलाश में पुलिस पश्चिमी यूपी के दो जिलों में खोजबीन करती रही। लेकिन, गुरुवार देर रात तक कामयाबी हाथ नहीं लगी। हालांकि पुलिस ने करीब 36 मिनट की लाइव फुटेज जुटाई है। इन फुटेजों में दोनों बदमाश शहर की सड़कों पर बेखौफ घूमने के साथ-साथ कई स्थानों पर मनपसंद व्यंजन खाते नजर आ रहे हैं।
देव ज्वैलर्स के मालिक देवेंद्र कुमार को शिकार बनाने से पहले लुटेरों ने पूरा होमवर्क किया था। विकासनगर में चेन लूटने के बाद बदमाश प्रेमनगर और बसंत विहार क्षेत्र में बेखौफ घूमते गए। लूट के बाद आसपास छिपने की बजाय बदमाशों ने अपने सुरक्षित ठिकाने पहुंचने का रिस्क लिया। गनीमत रही कि देहरादून से हरिद्वार की सीमा तक उनका पुलिस से मुकाबला नहीं हुआ। पुलिस ने शहर के कई कैमरों से लुटेरों के वीडियो फुटेज निकाले हैं। यह फुटेज करीब 36 मिनट के हैं।
इनमें लुटेरे कई स्थानों पर खड़े होकर अपने शिकार की निगरानी करते नजर आ रहे हैं। उधर, वेस्ट यूपी के दो जिलों में पुलिस की कार्रवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रही। पुलिस ने इन जिलों से भी सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया है। इसी बीच बदमाशों के प्रेमनगर और बसंत विहार में भी लूट के प्रयास की चर्चा रही। हालांकि एसपी सिटी श्वैता चौबे ने इस तरह की किसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया।
300 बाइकों का कराया सत्यापन
बदमाशाें द्वारा प्रयुक्त बाइक को लेकर पुलिस ने काफी काम किया है। दून के अलावा वेस्ट यूपी में उस मॉडल की करीब 300 बाइकें सामने आई हैं। पुलिस एक-एक बाइक के सत्यापन में जुटी हुई है। इसमें एक-एक सिपाही को 10-10 बाइकों के सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है। अब सिर्फ पुलिस जांच 10 बाइकों पर अटककर रह गई है। बदमाशाें की बाइक का जो नंबर आया था, वह जांच में फर्जी पाया गया है।
पुलिस महानिरीक्षक अजय रौतेला ने बृहस्पतिवार को सीओ और थाना प्रभारियों की बैठक कर प्रेमनगर लूटकांड में अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्हाेंने प्रेमनगर थानाध्यक्ष नरेंद्र गहलावत से वारदात के समय और उसके बाद हुई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्हाेंने कहा कि वारदात को हल्के में लेने अथवा छिपाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कंट्रोल रूम की व्यवस्था में सुधार को भी कहा, ताकि किसी घटना की सूचना मिलते ही संबंधित चीता, थाना और चौकी प्रभारी को लोकेशन की जानकारी दी जा सके। उन्हाेंने चेकिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने को कहा।
चार से पांच मिनट में शहर की नाकेबंदी की तैयारी
प्रेमनगर में सराफ लूटकांड में उजागर हुईं कमियों से सबक लेकर पुलिस शहर की नाकेबंदी करने की नई कार्ययोजना बनाने की तैयारी में है। लूट करके बदमाश शहर और देहात के करीब छह थाना क्षेत्रों से होकर निकल गए। जब तक पुलिस सक्रिय हुई तब तक बदमाश दूर निकल चुके थे। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि शहर में नाकेबंदी का नया प्लान तैयार किया जा रहा है।
सूचना के चार-पांच मिनट में शहर की सीमाओं को सील कर दिया जाएगा, ताकि अपराधी बाहर न भाग सकें। इस नाकेबंदी में सिविल पुलिस के अलावा सिटी पेट्रोल यूनिट और ट्रैफिक पुलिस को भी शामिल किया जाएगा।
रुमाल बांधकर तीन बार आए थे लुटेरे
प्रेमनगर के देव ज्वेलर्स के मालिक देवेंद्र कुमार को रुमाल बांधकर आए बदमाशों पर जरा सा भी शक नहीं हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गोली चलाकर लाखाें का सोना और कैश लूटने वाले बदमाश दो दिन में तीन बार देव ज्वेलर्स के यहां आए थे। हर बार वे मुंह पर रुमाल बांध कर आए थे। बड़ी बात यह है कि संदिग्ध युवकों को देखकर सराफ और अन्य लोगाें का माथा नहीं ठनका। नतीजा हुआ कि बदमाश बेरोक-टोक अपने इरादों में कामयाब हो गए। इससे पहले भी इन बदमाशों ने प्रेमनगर और बसंत विहार में एक महिला से चेन छीनने की कोशिश की थी। दोनों थाना क्षेत्र में उनकी सक्रियता सीसीटीवी फुटेज से उजागर होती है।
पुलिस से पस्त गैंग ने तो नहीं कराई वारदात
प्रेमनगर लूटकांड में पुलिस इस आशंका पर भी काम कर रही है कि पुलिस से पस्त किसी गैंग ने अपने साथियों की मदद से तो यह वारदात तो नहीं कराई है। पुलिस ने पूर्व में सक्रिय रहे गैंग के सदस्यों की लोकेशन पता करने में जुटी है। दरअसल, जून में पेट्रोल पंप मालिक गगन भाटिया को गोली मारकर कई लाख का कैश लूटा गया था। पुलिस ने भागदौड़ कर लुटेरों को दबोच लिया था, जबकि एक साथी बाद में कोर्ट में आत्मसमर्पण जेल चला गया था। इस गैंग से जुड़े अधिकांश लोग जेल में बंद है। इसके अलावा कई अन्य बदमाश भी पुलिस के रडार पर है।