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Dehradun News: प्रेमलाल महिला या पुरुष, उलझी गायब फाइल की गुत्थी

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राजस्व अभिलेखागार से सीलिंग की जमीन के दस्तावेज गायब होने की जांच प्रेमलाल के जेंडर पर अटक गई है। शिकायतकर्ता जमीन पर सुश्री प्रेमलाल का मालिकाना हक जताते हुए दस्तावेज मांग रहे हैं। ऐसे में प्रशासन तय नहीं कर पा रहा है कि जमीन के मालिक बताए जा रहे प्रेमलाल पुरुष हैं या महिला। प्रशासन अब प्रेमलाल के किरदार की कहानी का पूरा सच तलाशने में जुट गया है। यह भी देखा जा रहा है कि प्रेमलाल कौन थे, कहां के रहने वाले थे। उन्हें सीलिंग की अतिरिक्त जमीन दान में क्यों दी गई।
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ऋषिकेश तहसील क्षेत्र के मौजा रैनापुर में सीलिंग में जब्त की गई करीब 90 बीघा सरकारी जमीन पर पिछले दिनों पीलीभीत, उत्तर प्रदेश के मक्खनलाल ने दावा किया। उन्होंने बताया, सुश्री प्रेमलाल को यह जमीन राजा चंद्रबहादुर ने दान में दी थी। मक्खनलाल के अनुसार, प्रेमलाल ने उनके नाम पर पावर ऑफ अटार्नी की है, इसलिए जमीन पर उनका मालिकाना हक है। प्रकरण सामने आया तो दस्तावेज की तलाश की गई। पूरा रिकॉर्ड रूम खंगालने के बाद भी जमीन के कागजात नहीं मिले। लिहाजा, एडीएम प्रशासन डॉ. एसके बरनवाल को डीएम ने मामले की जांच सौंप दी है।

एडीएम भी उलझे
एडीएम प्रशासन डॉ. एसके बरनवाल कहते हैं कि बताया जा रहा है प्रेमलाल कोई महिला थीं। उन्हें यह जमीन दान में दी गई थी लेकिन ऐसा बताने वाले कोई ठोस दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है। प्रेमलाल के बारे में पता कराया जा रहा है। विभागीय संलिप्तता पर भी काम चल रहा है। जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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ऋषिकेश में चल रहे तीन मामले
इस जमीन पर पहले ही ऋषिकेश तहसील में तीन मामले चल रहे हैं। तीनों की सुनवाई एसडीएम स्तर पर की जा रही है। इस बीच मक्खनलाल की एंट्री ने इस प्रकरण की गुत्थी को और भी उलझा दिया है।

कोतवाली में दर्ज होगा मुकदमा
इस प्रकरण में राजस्व अभिलेखागार की ओर से शिकायत शहर कोतवाली में भेज दी गई है। पुलिस इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करेगी।

शक हुआ तो डीएम ने बैठाई जांच
रिकॉर्ड रूम में दस्तावेज से छेड़छाड़ की जांच एडीएम प्रशासन डॉ. एसके बरनवाल कर रहे हैं। इसमें कई अहम तथ्य सामने आए हैं। यह भी पता चला है कि करीब दस वर्ष पूर्व रिकॉर्ड रूम में आग भी लगी थी। अब यह पता लगाया जा रहा है कि आग लगने के दौरान किसी भूमाफिया ने लाभ उठाते हुए स्थानीय कर्मचारी से सांठगांठ कर दस्तावेज तो नहीं बदलवा दिए। प्रशासन को इस मामले में विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत का शक है। उधर, डीएम सोनिका का कहना है कि मामला जनसुनवाई में आया था। इसके बाद सतर्कता के तौर पर जांच बैठाई गई है। दरअसल, जिस महिला ने शिकायत की थी उसके कागजात देखने के बाद उन्हें शक हुआ कि दस्तावेज में कोई छेड़छाड़ की गई है। इसलिए व्यापक स्तर पर जांच की जा रही है। जो भी दोषी लोग होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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