आठ दिन तक पेट में मरा हुआ बच्चा लेकर भटक रही महिला का शुक्रवार को ऑपरेशन किया गया। इसके बाद मृत बच्चे को परिजनों को सौंप दिया गया। ऑपरेशन के बाद महिला की हालात नाजुक बनी हुई है। जिसे तीन दिन तक चिकित्सकों की गहन निगरानी में रखा जाएगा।
कोटद्वार निवासी पंकज की पत्नी विनीता आठ माह की गर्भवती थी। वहां अल्ट्रासाउंड कराने पर पता चला कि आठ दिन पूर्व बच्चा पेट में ही मर चुका है। हालात नाजुक होने के चलते डॉक्टरों ने उसे दून महिला अस्पताल रेफर कर दिया। रविवार देर रात महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आरोप है कि उसको अस्पताल प्रबंधन ने बेड उपलब्ध नहीं कराया। इससे दर्द से कराहती महिला डॉक्टरों के आगे ऑपरेशन के लिए गिड़गिड़ाती रही, लेकिन डॉक्टरों ने उसकी एक नहीं सुनी। वहीं जब मामला मीडिया में उजागर हुआ तो शुक्रवार को डॉक्टरों ने महिला का आपरेशन किया। इसके बाद मृत बच्चा पिता को सौंप दिया गया।
महिला में खून कमी के चलते उसका ऑपरेशन नहीं किया जा रहा था। उसे छह यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। शुक्रवार को ऑपरेशन कर बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
- डॉ. मीनाक्षी जोशी, चिकित्सा अधीक्षक