विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क), सूचना एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से ऑनलाइन भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का खिताब हल्द्वानी की प्रीती के नाम रहा, जबकि कर्णप्रयाग की खुशी रावत दूसरे, पौड़ी की महक चैहान तीसरे स्थान पर रहीं।
प्रतियोगिता में छात्रों ने वैज्ञानिक व्याख्यानों के साथ ही ‘हमारी पृथ्वीः मेरा क्षेत्र, मेरा योगदान’ विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए यूसर्क की निदेशक प्रो. डॉ. अनीता रावत ने कहा कि भारत में प्राचीन समय से ही अपने पर्यावरण के पांचों तत्वों के संरक्षण की परंपरा रही है। हम पृथ्वी को मां के रूप में मानते है। हिमालयी देवभूमि में हमारे द्वारा किया गया प्रत्येक कार्य हमारे पर्यावरण को समर्पित रहता है। हम सभी को अपने आस-पास के पर्यावरण को बचाने का संकल्प लेते हुए अपनी गौरवशाली ज्ञान-विज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की विश्व पृथ्वी दिवस की थीम ‘इनवेस्ट इन अवर प्लेनेट’ पर आगे बढ़ना होगा और सतत् विकास की अवधारणा पर कार्य करना होगा।
यूसर्क के वैज्ञानिक डॉ. ओम प्रकाश नौटियाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं परंपरा पर्यावरण के विषय में प्राचीन काल से ही हम सभी के लिये प्रेरणादायी रही है। हम सभी को ऊर्जा संरक्षण की दिशा में विशेष प्रयास करने होंगे। डॉ. भवतोष शर्मा ने कहा कि भविष्य की समस्याओं से बचने के लिए हम सभी को जल संरक्षण के लिए सामाजिक सहभागिता के साथ प्रयास करने चाहिए। इस मौके पर डॉ. मंजू संदरियाल, डॉ. राजेन्द्र सिंह राणा, ओम जोशी, उमेश चन्द्र, राजदीप जंग, शिवानी पोखरियाल आदि मौजूद रहे।