ग्रहों की चाल आने वाले वक्त में प्राकृतिक प्रकोप और हिंसात्मक दुर्घटना का खतरा बढ़ाएगी। इससे व्यापक जन-धन की हानि की आंशका रहेगी। 17 जून के बाद मंगल वक्री होकर इस तरह के हालात बनाएगा। यह स्थिति 11 अगस्त तक बनी रहेगी।
सोमवार को एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने दून पहुंचे भारतीय राष्ट्रीय ज्योतिष परिषद के अध्यक्ष केए दूबे पद्मेश ने यह भविष्यवाणी की है। उन्होंने बताया कि जब कोई ग्रह वक्री होता है तो वह ज्यादा शक्तिशाली हो जाता है।
मंगल करेगा तुला में प्रवेश
उन्होंने बताया कि इन दिनों शनि और मंगल वक्री हैं। 17 जून को मंगल वृश्चिक राशि से तुला राशि में प्रवेश कर जाएगा। शनि वृश्चिक राशि में ही रहेगा, जो प्राकृतिक प्रकोप की आशंका बढ़ाएगा। इस दौरान व्यक्ति को अपनी संवेदनशीलता पर नियंत्रण रखना होगा। पारिवारिक कलह और राजनीतिक दलों में आंतरिक असंतोष में बहुत ज्यादा बढ़ोत्तरी होगी।
उन्होंने बताया कि यह स्थिति 11 अगस्त तक बनी रहेगी। इस अवधि तक बृहस्पति और राहु की युति चंडाल योग बनाती है। इससे प्राकृतिक प्रकोप, असंतोष, दुर्घटना और धार्मिक स्थलों पर व्यापक नुकसान की आशंका बनती है।