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Haridwar: प्रवीण तोगड़िया बोले- राम मंदिर बना अब काशी-मथुरा की बारी, हिंदुओं को सौंपा जाए पूरा ज्ञानवापी परिसर

Sun, 04 Feb 2024 11:45 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

तोगड़िया ने कहा कि हमें भगवान महादेव के काशी विश्वनाथ का सम्मान वापस लाना होगा। कहा, संगठन ने तय किया कि जैसे राम मंदिर बना, उसी तर्ज पर काशी-मथुरा और अन्य धार्मिक स्थल पुन: सृजित और विकसित किए जाएंगे।
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प्रवीण तोगड़िया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के नेता प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा, काशी में आठ फीट ऊंचे नंदी भगवान ज्ञानवापी में रोज महादेव की पूजा का इंतजार कर रहे हैं। अभी तहखाने में पूजा शुरू हुई है। शिवलिंग की पूजा होनी बाकी है। कहा, केवल पूजा का अधिकार ही नहीं, पूरा ज्ञानवापी परिसर हिंदुओं को सौंपा जाना चाहिए।

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रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से कहा, हमें भगवान महादेव के काशी विश्वनाथ का सम्मान वापस लाना होगा। कहा, संगठन ने तय किया कि जैसे राम मंदिर बना, उसी तर्ज पर काशी-मथुरा और अन्य धार्मिक स्थल पुन: सृजित और विकसित किए जाएंगे। कहा, रामलला के लिए पहले भी कारसेवकों ने लाठी-गोली खाई। अब जब सरकार में अपने ही भाई हैं, तो विश्वास है कि इन मुद्दों का हल भी जल्द निकलेगा।

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तोगड़िया ने कहा, उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर चर्चा चल रही है। यह कानून पूरे देश में लागू होना चाहिए। कैंसर दिवस पर कहा, 1981 से वर्ष 1998 तक उन्होंने कैंसर अस्पताल में 10 हजार से ज्यादा रोगियों के ऑपरेशन किए। उस वक्त कैंसर रोग के मरीज भी कम थे और विशेषज्ञ भी। कहा, सरकार ने आयुष्मान कार्ड से मरीजों को जीवनदान दिया है। इस मौके पर राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री ईश्वरी प्रसाद, क्षेत्र संगठन मंत्री सुभाष जोशी, जिलाध्यक्ष विवेक वर्मा, जिला महामंत्री अरविंद पांडे आदि शामिल रहे।

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सिंघल, अवैद्यनाथ, परमहंस को भी मिले भारत रत्न
कहा, लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न का सम्मान बेहद सम्मानजनक निर्णय है। मांग की कि अशोक सिंघल, महंत अवैद्यनाथ, रामचंद्र परमहंस को भी भारत रत्न दिया जाना चाहिए। कहा, 500 साल में 25 पीढ़ियां राम मंदिर के लिए लड़ीं। 13 धर्म संसद द्वारा एक लाख से ज्यादा साधु-संतों ने आंदोलन में नेतृत्व किया। इसका यश इन्हीं साधु-संतों को जाता है।
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