राजकीय जिला अस्पताल के कोरोनेशन परिसर में वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. डीपी जोशी और उनके परिवार वालों को बेटे अक्षत जोशी के बारे में राहत भरी खबर मिली है।
अक्षत जोशी रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट पहुंच गए हैैं। अक्षत खारकीव यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहे हैैं। वहां हालात बिगड़ने पर उन्हें मेट्रो स्टेशन के बैसमेंट में शरण लेनी पड़ी थी। राशन-पानी की दिक्कत के चलते भूखा-प्यासा रहना पड़ा। खारकीव में बढ़ते तनाव के कारण यहां उनके परिजन पिछले कई दिन से चिंता में थे। डॉ. जोशी बेटे की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर नई दिल्ली स्थित यूक्रेनी दूतावास भी गए और वहां उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा था। बुधवार को उनकी चिंता कम हुई है। डॉ. डीपी जोशी ने बताया कि अक्षत समेत 10 भारतीय छात्र मंगलवार को खारकीव से निकले थे। वहां से वह ट्रेन व परिवहन के अन्य माध्यम से रोमानिया बार्डर पहुंचे। इसमें उत्तराखंड का ही एक छात्र उनका मददगार बना। रोमानिया बार्डर पर उनसे पहले पहुंचे इस छात्र ने उन्हें पूरे रास्ते गाइड किया। अक्षत व उनके साथी अब शेल्टर कैंप में हैैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया में हैैं। केंद्र सरकार व भारतीय दूतावास की ओर से पूरा सहयोग मिल रहा है। ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैैं कि बेटा जल्द सुरक्षित घर पहुंच जाए।