केंद्र सरकार जल्द ही पेड़ों के उत्पादन और उपयोग के नियमों को सुगम और सरल बनाएगी। इसके लिए पेड़ लगाओ, पेड़ बढ़ाओ और पेड का उपयोग करो का नारा दिया जाएगा। इसके साथ ही स्कूली स्तर पर स्कूल नर्सरी योजना चलाई जाएगी। जिससे कि छात्रों में बचपन से ही वन संरक्षण के प्रति जागरूता एवं वृक्षों के प्रति प्रेम का भावना जागृत हो। दून के एफआरआई डीम्ड यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के दौरान केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावेडकर ने यह बात कही।
केंद्रीय मंत्री जावेडकर ने कहा कि यह बड़ी विडंवना है कि जिन पेड़ों के पहले हमारे यहां जंगल हुआ करते थे उन्हें अब हमें बाहर से आयात करना पड़ रहा है। यह इसलिए हुआ कि हमारे यहां पेड़ों के उत्पादन और उपयोग के इतने कड़े नियम हैं कि धीरे-धीरे लोगों ने पेड़ लगाने ही बंद कर दिए। इसलिए अब केंद्र सरकार पेड़ों के उत्पादन और उपयोग के नियमों को सुगम बनाने की कवायद कर रही है। इसके लिए पेड़ लगाओ, पेड़ बढ़ाओ और उपयोग करो का नारा दिया जाएगा। जिससे कि जनसामान्य वृक्षारोपण के प्रति अधिक से अधिक उन्मुख हो सके।
कहा कि सामाजिक वानिकी, कृषि वानिकी तथा विद्यालय स्तरीय पौधशाला स्थापना जैसे कार्यक्रम देश में वन क्षेत्र बढ़ाने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। छात्रों में वन संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं वृक्षों के प्रति प्रेम की भावना जाग्रत करने के लिए जल्द ही देशभर में विद्यालय स्तरीय नर्सरी प्रोग्राम की शुरुआत की जाएगी। कहा कि विगत वर्षों में केंद्र सरकार के प्रयासों से वन क्षेत्र में 15000 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। कहा कि वनों में पर्याप्त भोजन एवं जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे किमानव एवं वन्य जीव टकराव को रोका जा सके।