इस योजना के तहत 1.30 लाख रुपये नगद दिए जाते हैं। जबकि, मनरेगा के 90 कार्यदिवस की मजदूरी दी जाती है। इसके अलावा 12 हजार रुपये शौचालय बनाने को दिए जाते हैं। जानकारी के अनुसार कई ऐसे लोग भी इनमें शामिल थे, जिनके पास भूमि नहीं थी। लिहाजा, उन्हें भूमि भी उपलब्ध कराई गई थी।
तीन किश्तों में मिलता है पैसा
पहली किश्त : 60 हजार रुपये नींव और दीवारों के लिए।
दूसरी किश्त : 40 हजार रुपये छत डालने के लिए।
तीसरी किश्त : 30 हजार रुपये दरवाजे खिड़की आदि के लिए।