अगर आप अपना कोई काम या प्राइवेट नौकरी करते हैं तो हर साल की आपकी बचत आपको 15 साल में लखपति बना सकती है। अगर ये अकाउंट रखते है तो आपको खुशियों की सौगात मिल सकती है। इस तरह से ...
जी हां, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) अकाउंट आपकी इस जरूरत को पूरा कर सकता है। वित्त विशेषज्ञों के मुताबिक 15 साल में इस अकाउंट से 50 लाख रुपये तक फंड मिल सकता है। खास बात यह है कि पीपीएफ में निवेश करने वालों को आयकर में भी छूट मिलती है।
निवेश एवं वित्त विशेषज्ञ आरके वर्मा के मुताबिक पीपीएफ खाता कोई भी अपनी पत्नी (चाहे गृहिणी हो या नौकरीपेशा) के लिए भी खुलवा सकता है। इसमें गारंटीड रिटर्न मिलता है। सालाना 1.5 लाख रुपये तक जमा कराया जा सकता है। 15 साल बाद जब यह अकाउंट मैच्योर होगा तो आपके खाते में 50 लाख रुपये तक का फंड आएगा। पीपीएफ पर सालाना 7.8 प्रतिशत रिटर्न मिलता है।
इतना पैसा करा सकते हैं जमा
पीपीएफ खाते में 500 रुपये से लेकर 1.50 लाख रुपये सालाना जमा कराया जा सकता है। अगर बच्चे या नाबालिग का खाता है तो सालाना न्यूनतम 100 रुपए जमा कराना जरूरी है।
वहीं, आपने इस खाते में चालू वित्तीय वर्ष में न्यूनतम पैसा जमा नहीं किया है तो आपको प्रति साल के हिसाब से 50 रुपये जुर्माना भी देना होगा। एक व्यक्ति एक ही पीपीएफ अकाउंट खोल सकता है। अपने बच्चे यानी नाबालिग के लिए वह अपने बिहाफ पर अकाउंट खोल सकता है। लेकिन ज्वाइंट अकाउंट नहीं खोला जा सकता।
टैक्स पर भी मिलती है छूट
income tax
पीपीएफ का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें जमा की गई रकम पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री होता है। इतना ही नहीं उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम तीनों ही टैक्स फ्री होती है। ऐसे में अगर आप आयकर बचाने के लिए सेक्शन 80-सी के तहत पीपीएफ में निवेश करते हैं तो इस पर जमा रकम को अपने दस्तावेजों में शो करके टैक्स की छूट का लाभ भी ले सकते हैं।
ऐसे समझो गणित
वार्षिक निवेश : 1.50 लाख रुपये
निवेश की अवधि : 15 साल
गारंटीड इंटरेस्ट : 7.8 प्रतिशत
कुल फंड : 43 लाख रुपये
(मौजूदा समय में पीपीएफ पर इंटरेस्ट रेट 7.8 प्रतिशत है। सरकार हर तीन माह पर पीपीएफ पर ब्याज दर की समीक्षा करती है। यह कैलकुलेशन मौजूदा इंटरेस्ट रेट पर है।)
क्या होता है पीपीएफ खाता
लंबे निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पीपीएफ खाता योजना शुरू की थी। यह खाता डाकघर या सरकारी बैंकों में खोला जा सकता है। पहले यह खाता सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक में ही खुल सकता था लेकिन वर्ष 2014 से अन्य बैंकों को पीपीएफ खाते के संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है।
यह खाता 15 वर्षों के लिए होता है लेकिन इसे बाद में पांच-पांच वर्ष के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। इस खाते के संचालन के लिए उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। इसकी एक विशेषता यह भी है कि खाता कुर्की मुक्त होता है।
लोन एवं धन निकासी की सुविधा
पीपीएफ खाते से जरूरत पड़ने पर इसमें जमा धनराशि पर लोन भी लिया जा सकता है। इसके अलावा अगर जरूरी हो तो 15 वर्ष की परिपक्तवता से पहले भी धन निकासी की जा सकती है। खाते के तहत खाताधारक पांच वित्तीय वर्ष पूर्ण होने के बाद लोन के लिए आवेदन कर सकता है।
लोन के लिए यह नियम है कि आवेदन करने के दो वर्ष पहले खाताधारक के खाते में कितनी धनराशि जमा होती है, उसका 50 प्रतिशत लोन के रूप में दिया जा सकता है, जिसे 36 महीने में चुकाया जाना आवश्यक है।
यह खाता बच्चों की पढ़ाई, उनकी शादी और रिटायरमेंट के बाद के जीवन की आर्थिक जरूरतों के मद्देनजर अच्छा विकल्प है। वर्ष 2016 से सरकार ने यह सुविधा दी है कि बच्चों की उच्च शिक्षा या गंभीर बीमारी की दशा में पीपीएफ से आकस्मिक निकासी की जा सकती है।