उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन ने सड़कों पर आंदोलन छेड़ने की धमकी दी है। संगठन के उपाध्यक्ष विनोद कवि ने बताया कि कर्मचारी अपने बीवी, बच्चों के साथ सड़कों पर उतरेंगे। आंदोलन को 30 दिन हो गए और शासन ने अभी तक कोई सुनवाई नहीं की है।
विनोद कवि ने कहा कि आंदोलन के दौरान अगर कोई अनहोनी हो गई तो इसकी जिम्मेदारी उत्तराखंड शासन की होगी। इधर सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता इंद्रेश मैखुरी ने धरना स्थल पर आकर विद्युत संविदाकर्मियों के आंदोलन का समर्थन किया।
इछाड़ी-कोटी बैराज पर क्षेत्रीय जनता ने धरना देकर सरकार से मांग की कि संविदा विद्युत कर्मियों की मांगों को यथाशीघ्र सुना जाए।
धरना स्थल पर वेद प्रकाश, मनोज पंत, नंदन सिंह रावत, अंकुर गुलेरिया, पंकज रावत, उपेंद्र कंडारी, जौनी गुलेरिया, विजेंद्र रावत, जावेद आलम, परशुराम कोठारी, सलीम अंसारी, रामप्रकाश डोभाल, पूरन रावत, मनमोहन चमोली आदि रहे।