मनेरी बैराज गेटों से हो रहा रिसाव एक बार फिर 90 मेगावाट की मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना के विद्युत उत्पादन में बाधा बन गया। जल विद्युत निगम प्रबंधन ने रविवार को दो दिनों का क्लोजर लेकर मनेरी बैराज के एक नंबर गेट की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
बैराज गेटों से हो रहा रिसाव
पानी की कमी वाले इस सीजन में बैराज गेटों से हो रहा रिसाव उत्पादन हानि का सबब बना हुआ है। हालांकि अक्तूबर प्रथम सप्ताह में निगम प्रबंधन ने क्लोजर लेकर मनेरी बैराज गेटों में रेत भरे कट्टे फंसा कर रिसाव रोकने का प्रयास किया था। इसी की बदौलत तिलोथ विद्युतगृह में आजकल 55-60 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा था।
गेट खोलकर पानी छोड़ा
बैराज के एक नंबर गेट की मरम्मत न हो पाने से आने वाले समय में रिसाव की समस्या गहराने से आशंकित निगम प्रबंधन ने रविवार को दो दिन का क्लोजर लेकर गेट की मरम्मत शुरू कर दी है। रविवार सुबह 11:00 बजे तिलोथ विद्युतगृह में उत्पादन बंद कर मनेरी बैराज के गेट खोलकर पानी छोड़ दिया गया।
रिसाव नियंत्रण में
निगम के डीजीएम सिविल जेबी सिंह ने बताया कि यूं तो रिसाव लगभग नियंत्रण में था, लेकिन एक नंबर गेट की मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो पाया था। सर्दियों में पानी की बूंद-बूंद के महत्व को देखते हुए समय रहते इस गेट की मरम्मत जरूरी थी। इसीलिए रविवार से दो दिन का क्लोजर लेकर गेट की मरम्मत की जा रही है। इन दो दिनों में होने वाली उत्पादन हानि को आने वाले दिनों में कवर कर लिया जाएगा।