यमुना नदी से छोड़ा गया 80 हजार क्यूसेक पानी
यमुना नदी के पानी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने के कारण दिनभर बिजली उत्पादन प्रभावित रहा। क्षेत्र की सभी जलविद्युत परियोजनाओं में रूक-रूक कर उत्पादन होता रहा। ढालीपुर व ढकरानी बिजली परियोजनाएं पूर्णत: ठप रही।
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण यमुना नदी पर बनी व्यासी जलविद्युत परियोजना के अलावा टोंस पर बनी छिबरौ, खोदरी और डाकपत्थर बैराज से संचालित होने वाली ढकरानी और ढालीपुर बिजली परियोजनाओं से होने वाला बिजली का उत्पादन व्यापक स्तर पर प्रभावित रहा। बताते चलें कि यमुना नदी के पानी में सिल्ट की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाने के कारण ढकरानी व ढालपुर की परियोजनाओं को मंगलवार की दोपहर को बंद कर दिया गया था। तब से लेकर समाचार लिखे जाने तक परियोजनाओं में बिजली का उत्पादन बंद है।
इसके अलावा बुधवार को दिन के समय में यमुना पर स्थित व्यासी जलविद्युत परियोजना व टोंस पर बनी छिबरौ व खोदरी परियोजनाओं में बिजली का उत्पादन बार-बार बंद होता रहा। जलविद्युत निगम के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि कुल्हाल, व्यासी, छिबरौ व खोदरी में फिलहाल उत्पादन चल रहा है, जबकि ढकरानी और कुल्हाल के देर रात तक चालू हो जाने की उम्मीद है। बुधवार को भी डाकपत्थर बैराज से यमुना नदी में 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।