कर्णप्रयाग में जब सबसे अधिक जरूरत होती है, तब ही बिजली नहीं रहती। इस स्थिति से ग्रामीण क्षेत्र के ही नहीं नगर क्षेत्र के उपभोक्ता भी परेशान हैं।
शाम ढलते ही बिजली के गुल होने से ग्रामीणों को जंगली जानवरों का भय सता रहा है। निगम के अधिकारियों की लापरवाही से शाम ढलते ही बिजली गुल होने का सिलसिला रुक नहीं रहा है।
50 से अधिक परिवार प्रभावित
ब्लाक के सिमली, टटासू, सैंण और बांगड़ी में दो सप्ताह से शाम ढलते ही बिजली गुल हो रही है। प्रधान आशा देवी के अनुसार करीब 50 से अधिक परिवार इन गांवों में रहते हैं।
निगम की लापरवाही से यहां रहने वाले ग्रामीण हर रात अंधेरे में व्यतीत कर रहे हैं। ग्रामीण प्रकाश डिमरी के अनुसार रोज गुल हो रही बिजली से जहां विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं परेशान हैं, वहीं आस पास भालू, सुअर और बाघ का आंतक बना है।
ग्रामीणों का कहना
रात और दिन में लगातार हो रही विद्युत रोस्टिंग से ग्रामीणों के अलावा लघु उद्योग प्रभावित हो रहा है। निगम बिजली की आपूर्ति तो कर नहीं रहा अलबत्ता बिल पूरे दिए जा रहे हैं।
- राजेंद्र प्रसाद डिमरी निवासी टटासू।
बिजली की रोस्टिंग होने से छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन में दिक्कत आने से हम अपनी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।
- मुकेश तिवारी छात्र सिमली।
शाम ढलते ही गुल हो रही बिजली से दैनिक कार्यों में व्यवधान के साथ ही जंगली जानवरों का भय भी बना है। हम लगतार ऊर्जा निगम से शिकायत कर रहे हैं लेकिन समस्या जस की तस है।
- संतोष गैरोला बांगड़ी।