नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बनी प्रदेश स्तर की एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के गठन के डेढ़ साल बाद भी पद सृजित नहीं किए गए हैं। अब एसटीएफ ने पुलिस मुख्यालय को पद सृजन के लिए प्रस्ताव भेजा है। इसी तरह प्रदेश में बनी अन्य फोर्स के लिए भी पद सृजित नहीं हुए हैं।
बता दें कि 2025 तक उत्तराखंड को नशा मुक्त करने का सपना देखा गया है। इसी क्रम में डेढ़ साल पहले तीन स्तरों पर एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इसमें प्रदेश स्तर की फोर्स एसटीएफ के अंतर्गत बनी है। जबकि, जिला और थाना स्तरों पर अलग-अलग फोर्स बनी हुई है। जिलों में तो वहीं का पुलिस स्टाफ इस फोर्स में शामिल किया जाना है। जबकि, प्रदेश स्तर की टास्क फोर्स में अलग से पद सृजित किए जाने थे। मगर, अब तक इसके लिए पद नहीं बनाए गए हैं।
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने 20 पदों के सृजन के लिए पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है। इनमें कुछ इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर के अलावा सिपाही स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। इनमें एक यूनिट गढ़वाल और दूसरी कुमाऊं में बननी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल उत्तराखंड एसटीएफ का स्टाफ ही इस फोर्स में काम कर रहा है। बीते दिनों एएनटीएफ ने बड़ी कार्रवाईयां भी की हैं।
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नई यूनिटों के लिए पद सृजन की हुई थी बात
हाल के वर्षों में प्रदेश में पुलिस के अंतर्गत कई जांच यूनिटों को बनाया गया है। इनमें फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट भी एक महत्वपूर्ण यूनिट है। इसका गठन दो साल पहले किया गया था। मगर, अभी तक इसके लिए भी अलग से पदों को नहीं बनाया गया है। इस मामले में पिछले साल डीजीपी अशोक कुमार ने गृह विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर नए पद सृजित करने का प्रस्ताव रखा था। इसमें आश्वासन भी मिला था। मगर, अब तक बात आगे नहीं बढ़ पाई है।