कैलास यात्रियों का सामान ढोने वाले और यात्रियों को पैदल रास्ते में घोड़ों से ले जाने वाले पोनी और पोर्टर्स से लगातार हो रही अवैध वसूली से बेहद खफा है। पोनी पोर्टर्स यूनियन ने अवैध वसूली नहीं रुकने पर 15 जुलाई को आने वाले कैलास मानसरोवर यात्रियों के 9वें दल को रोकने की धमकी दे दी है।
यूनियन का प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में जिलाधिकारी एचसी सेमवाल से भी मुलाकात करेगा। यूनियन ने निगम तथा स्थानीय प्रशासन पर ठेकेदार के साथ मिलीभगत करने का आरोप भी लगाया।
उत्तराखंड पोनी एवं पोर्टर्स यूनियन के केंद्रीय संयोजक जगत मर्तोलिया ने बताया कि कैलास और आदि कैलास यात्रा के लिए निगम द्वारा एक ठेकेदार यात्रियों का सामान ढोने के लिए तय किया जाता है। इस ठेकेदार के द्वारा अनावश्यक रूप से पोनी और पोर्टर्स को भेजने का कार्य किया जा रहा है। यात्रा में जल्दी नंबर लगाने के लिए इस ठेकेदार द्वारा मजदूरों से अवैध वसूली की जा रही है।
विरोध पर नहीं मिल रहा काम
प्रथम बैच से सातवें बैच तक लगातार पोनी से 2000 तथा पोटर्स से 1000 रुपये की अवैध वसूली कर उन्हें यात्रियों के साथ भेजा जा रहा है। ठेकेदार को शुल्क देने वाले दर्जनों पोनी एवं पोर्टर्स को तो काम मिल रहा है जबकि शुल्क का विरोध कर रहे पोनी एवं पोर्टर्स को काम पर नहीं भेजा जाता।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने इस वर्ष मजदूरी में दोगुने की वृद्धि की थी। इसका लाभ गरीब पोनी एवं पोर्टर्स को मिलना था लेकिन ठेकेदार की मनमानी के कारण गरीब मजदूरों के खून-पसीने की कमाई ठेकेदार के जेब में जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में कई बार पोनी एवं पोर्टर्स ने यात्राधिकारी तथा स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी दी लेकिन किसी भी स्तर से ठेकदार से अवैध वसूली नहीं रोकी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन में 14 जुलाई तक अवैध वसूली रोकने तथा नंबर से पोनी एवं पोर्टर्स को भेजे जाने का मामला हल नहीं किया गया तो 15 जुलाई को धारचूला में कैलास यात्रा दल को रोक दिया जाएगा।