फूलों की घाटी में फैला पॉलीगोनम अब हेमकुंड साहिब तक फैल गया है, जिससे यहां उगने वाले पौधे और वनस्पतियां खतरे में हैं। घांघरिया से हेमकुंड तक जगह-जगह पैदल रास्ते में उपजा पॉलीगोनम हेमकुंड की खूबसूरती पर बट्टा लगा रहा है। यदि इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो यहां कांजिला से हेमकुंड तक (सात किमी) पैदल रास्ता पॉलीगोनम से ढक जाएगा।
हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग पर ब्रह्म कमल, विभिन्न प्रजाति के रंग-बिरंगे फूल और जड़ी-बूटियां होती हैं, लेकिन जगह-जगह पॉलीगोनम के उगने से वनस्पतियां भी खतरे में हैं।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के एसडीओ सर्वेश कुमार दूबे का कहना है कि पॉलीगोनम अपने इर्द-गिर्द वनस्पतियों को उगने नहीं देता और झाड़ी के रूप में फैलता है।
गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह का कहना है कि पॉलीगोनम के उन्मूलन के लिए हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट से बात की जाएगी। यात्राकाल में समय-समय पर सेवादार पॉलीगोनम को उखाड़ने का काम करते रहते हैं।