फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनलॉक की छूट के साथ बढ़ता जा रहा है उत्तराखंड के शहरों में प्रदूषण, 30 से 40 प्रतिशत हो गई बढ़ोतरी

Sat, 07 Nov 2020 12:52 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • जून में अनलॉक शुरू होने के बाद से 30 से 40 प्रतिशत हो गई प्रदूषण में बढ़ोतरी
  • उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े दे रहे हैं प्रदूषण बढ़ने की गवाही
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश में अनलॉक शुरू होने के बाद से प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पीएम-10 के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। न केवल देहरादून बल्कि ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर में भी लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।

विज्ञापन


प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सितंबर तक के आंकड़े जारी किए गए हैं। मार्च में लॉकडाउन शुरू होने के साथ जहां प्रदूषण के स्तर में गिरावट आनी शुरू हो गई थी। मई में प्रदूषण का स्तर काफी नीचे चला गया था। जून से अनलॉक 1.0 शुरू हुआ।

जून के बाद जुलाई से लेकर सितंबर तक प्रदूषण के स्तर में सभी शहरों में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अभी दीपावली के दौरान यह स्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खास बात यह है कि वर्तमान में प्रदूषण का जो स्तर है, वह मानकों से करीब 40 प्रतिशत ऊपर है।

विज्ञापन

किस शहर में कितना प्रदूषण का स्तर

ऋषिकेश

मार्च-113.96
अप्रैल-58.55
मई-91.52
जून-93.85
जुलाई-101.31
अगस्त-108.91
सितंबर-113.64

हरिद्वार

मार्च-123.32
अप्रैल-46.08
मई-49.43
जून-78.29
जुलाई-78.8
अगस्त-78.5
सितंबर-87.21

हल्द्वानी

मार्च-109.01
अप्रैल-68.66
मई-92.01
जून-106.32
जुलाई-105.89
अगस्त-110.74
सितंबर-109.06

काशीपुर

मार्च-129.32
अप्रैल-76.3
मई-103.95
जून-114.32
जुलाई-114.06
अगस्त-उपलब्ध नहीं
सितंबर-120.23

रुद्रपुर

मार्च-127.08
अप्रैल-75.3
मई-68.66
जून-116.8
जुलाई-120.46
अगस्त-115.91
सितंबर-125.41
नोट:- यह आंकड़ा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पीएम-10 के मानकों के हिसाब से है। 
विज्ञापन

यह होता पीएम-10 

पीएम-10 वो कण हैं, जिनका व्यास 10 माइक्रोमेटर होता है और इन्हें फाइन पार्टिकल्स भी कहा जाता है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम-10 को रेस्पायरेबल पर्टिकुलेट मैटर भी कहते हैं। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं।

पीएम-10 और 2.5 धूल, कंस्ट्रक्शन की जगह पर और कूड़ा व पुआल जलाने से ज्यादा बढ़ता है। सरकार के मानकों के मुताबिक, वायु में पीएम-10 का सालाना स्तर 60 और 24 घंटे का स्तर 100 का सामान्य माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस हिसाब से मासिक तौर पर भी 60 के स्तर को ही आदर्श माना जा सकता है।

देहरादून में भी लगातार बढ़ रहा प्रदूषण

राजधानी में भी प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, मई और जून में तो पीएम-10 करीब 70 के आसपास रहा, लेकिन इसके बाद से लगातार बढ़ते हुए यह 100 के आसपास पहुंच चुका है। दीपावली के दौरान यह और बढ़ने के आसार हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें