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पंचायत चुनाव: एक सीट के लिए बदला समीकरण

Sat, 23 Nov 2013 10:04 AM IST
सुधाकर भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
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एक बार महिला रह चुकी देहरादून की सीट को सामान्य किए जाने की जुगत खोजी जा रही है। ग्राम पंचायतों से लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्य तक आरक्षण का तीसरा चक्र लागू किया गया पर जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चौथा चक्र अब लागू करने की तैयारी है।
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दो बार हो चुके पंचायत चुनाव
मतलब यह कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण के लिए 1996 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान आरक्षण की स्थिति देखी जा रही है। ऐसा करने का एक सीधा फायदा यह है कि देहरादून ओबीसी की बजाय सामान्य सीट हो जाएगी। राज्य गठन के बाद से प्रदेश में अब तक दो बार पंचायत चुनाव हो चुके हैं।

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वर्ष 2003 के बाद 2008 वर्ष में पंचायत चुनाव हुए थे। 2013 में आरक्षण की स्थिति को तय करने के लिए इन दो चुनावों में सीटों के आरक्षण की स्थिति को रोटेशन के हिसाब से तय किया जाना है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुखों का आरक्षण तय करने के लिए शासन 1996 में हुए पंचायत चुनाव में सीटों के आरक्षण की स्थिति का आकलन कर रहा है।
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ऐसे में देहरादून सीट के इस बार सामान्य होने की पूरी उम्मीद है। देहरादून 1996 में सामान्य सीट थी और कांग्रेस के रामशरण नौटियाल जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे।

2003 में देहरादून सीट फिर सामान्य हुई और देहरादून में वर्तमान में पंचायत मंत्री प्रीतम सिंह के भाई चमन सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष बने। 2008 में देहरादून सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई और मुन्ना सिंह चौहान की पत्नि मधु चौहान जिला पंचायत अध्यक्ष बनी।

अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए रिजर्व
अगर आरक्षण तय करने के लिए सिर्फ 2003 और 2008 का ही हिसाब लिया जाए तो देहरादून सीट इस बार अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए रिजर्व हो जाती। जानकारों की मानें तो इस स्थिति से बचने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण के लिए चौथा चक्र लिया गया। सूत्रों के मुताबिक चमन सिंह अब चुनाव की तैयारी भी शुरू कर चुके हैं।

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छह माह पहले तक चमन सिंह खुद मान रहे थे कि यह सीट ओबीसी के लिए है लिहाजा चुनाव की तैयारी का कोई मतलब नहीं। साफ है कि एक सीट को सामान्य करने के लिए आरक्षण के पूरे समीकरण को ही उलट दिया गया।

ऐसे में अन्य सीटों का समीकरण भी गड़बड़ा गया है। टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और अल्मोड़ा इस बार महिला सीट हो सकती हैं। चमोली अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो सकती है।
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