प्रदेश में सीआरपी, बीआरपी की नियुक्तियां राजनीतिक हस्तक्षेप की भेंट चढ़ गई हैं। पिछले तीन साल में तीन बार जीओ के बावजूद नियुक्तियां लटक गई हैं। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि चयनित अभ्यर्थी मामले को लेकर कोर्ट गए हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के दबाव में नियुक्तियों को रुकवाया गया है।
प्रदेश में सीआरपी, बीआरपी के 1279 पदों के लिए तत्कालीन शिक्षा सचिव मनीष पंवार की ओर से पांच फरवरी 2013 को रिक्त पदों पर नियुक्तियों का जीओ जारी किया गया था, इसके बाद एक अगस्त 2013 को प्रमुख सचिव ओम प्रकाश की ओर से फिर से एक जीओ जारी हुआ कि बीआरपी और सीआरपी के रिक्त पदों पर चयन किया जाएगा।
इसमें बीआरपी के 285 और सीआरपी के 994 पदों पर चयन होना था, इसके बाद इस वर्ष शासन की ओर से इसके चयन की प्रक्रिया शुरू की गई। इससे चयनित अभ्यर्थियों में नियुक्ति की आस जगी थी, लेकिन विभाग के अधिकारियों के लिए आए एक फोन के बाद प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया। विभागीय सूत्रों की मानें तो प्राथमिक शिक्षक संगठन के दबाव में प्रक्रिया को स्थगित किया गया है।
प्राथमिक और राजकीय शिक्षक संगठन नियुक्ति को लेकर एक दूसरे का विरोध कर रहे हैं, यही वजह है कि प्रकरण में देरी हो रही है।
-डॉ. रणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव
मैं 648 किलोमीटर दूर धारचूला (पिथौरागढ़) से काउंसिलिंग के लिए दून पहुंचा, लेकिन बगैर किसी ठोस वजह बताए काउंसिलिंग स्थगित कर दी गई।
-दिनेश कुमार जोशी, जीआईसी धारचूला
काउंसिलिंग को स्थगित कर हमारे साथ धोखा किया गया है, कुछ लोगों के दबाव में आकर नियुक्तियों को लटकाया जा रहा है।
-करन सिंह थापा, जीआईसी मुनस्यारी
नियुक्ति के नाम पर शिक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है, कई किलोमीटर दूर से शिक्षक दून पहुंचे, लेकिन ऐन वक्त पर काउंसिलिंग स्थगित कर दी गई।
-दिनेश चंद्र भट्ट, जूनियर हाईस्कूल ईलाबधाणी कर्णप्रयाग
यदि जनपदों से रिक्तियां गलत आई हैं तो विभाग उस जनपद के अधिकारी को बर्खास्त करे। शिक्षकों को परेशान किया जाना सरासर गलत है।
-गोविंद बल्लभ भट्ट जीआईसी मनले पिथौरागढ़
एक फोन पर प्रदेश की व्यवस्था चल रही है, अधिकारियों के लिए फोन आया और काउंसिलिंग स्थगित कर दी गई।
-अर्जुन पंवार राउमावि अठाली उत्तरकाशी