पासपोर्ट के लिए लगती है लंबी वेटिंग
पासपोर्ट के पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया में बदलाव होने जा रहा है। आवेदक को यह भी बताना होगा कि आवेदन से पूर्व एक साल की अवधि में कहां-कहां निवास किया। नई व्यवस्था पांच सितंबर से लागू हो जाएगी। विदेश मंत्रालय ने देश भर के पुलिस मुख्यालयों को इस बारे में सूचित किया है।
पासपोर्ट आवेदक की पुलिस जांच रिपोर्ट तैयार करने के लिए स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) द्वारा भरे जाने वाले व्यक्तिगत विवरण पत्र (पीपीएफ) की प्रश्नावली में भी कुछ सुधार हुआ है। अब प्रश्नों की संख्या 12 से घटाकर नौ कर दी गई है।
नई व्यवस्था से पीपीएफ में आवेदक के वर्तमान, स्थायी पते और आवेदन की तिथि से पूर्व विगत एक साल के दौरान दर्शाए गए सभी निवास स्थानों से संबंधित विवरण एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। पुलिस जांच रिपोर्ट की प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ बनाने और इसमें तेजी लाने के क्रम में व्यवस्था में बदलाव का दावा किया जा रहा है।
उत्तराखंड के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने भी राज्य के पुलिस महानिदेशक, अभिसूचना निदेशक और सभी जिला पुलिस प्रमुखों को पत्र भेजकर इस बारे में अवगत कराया है।
ऐसे हुए नौ प्रश्न
- आवेदक के फोटोग्राफ और व्यक्तिगत विवरण के मौखिक सत्यापन के दोनों प्रश्न एक ही कॉलम में शामिल होंगे।
- आवेदक के पहले पासपोर्ट था या नहीं? और कभी विदेश का दौरा किया था? यह दोनों प्रश्न हटेंगे
चार सितंबर के बाद पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट एप्लीकेशन पर पुराने प्रारूप में तैयार पुलिस जांच रिपोर्ट स्वीकार करना संभव नहीं होगा। पुलिस महानिदेशक से भी अनुरोध किया है कि सभी जिला पुलिस प्रमुखों को इस बारे में निर्देशित करें।
- विजय शंकर पांडे, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी