चारधाम में यात्रियों की भीड़ के चलते पुलिस भी दबाव महसूस कर रही है। पुलिस को यात्रा मार्ग पर यातायात प्रबंधन में मुश्किलें आ रही हैं। ऐसे में डीजीपी ने देश के लोगों से आराम से यात्रा करने की अपील की है। डीजीपी का कहना है कि यात्रा नवंबर के दूसरे सप्ताह तक चलेगी। ऐसे में अपनी यात्रा को सितंबर और अक्तूबर के लिए भी टाल सकते हैं। ताकि, धामों में आराम से दर्शन हो सकें और यातायात प्रबंधन में भी पुलिस को कोई परेशानी नहीं होगी।
बता दें कि इस साल चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड यात्री पहुंच रहे हैं। पुलिस के प्रबंध तो पुख्ता हैं लेकिन शुरुआत से ही मौसम साथ नहीं दे रहा है। इसके लिए सोमवार को आईजी गढ़वाल की ओर से कंटेनजेंसी प्लान लागू करने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत यात्रियों को विभिन्न पड़ावों पर कुछ घंटों के लिए रोका जा रहा था। जब धाम में दर्शन करने वालों की भीड़ छट जाती है तो पिछले पड़ाव पर रुके यात्रियों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी बीच डीजीपी ने भी पुलिस की व्यथा को एक वीडियो मैसेज के माध्यम से जनता के सामने रखा है।
डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि धामों में यात्री क्षमता से कहीं अधिक पहुंच रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा लोग जून में ही आना चाह रहे हैं। लेकिन, यात्रा नवंबर के दूसरे सप्ताह तक चलेगी। इसके लिए उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वह कुछ महीनों के लिए अपनी यात्रा को टाल भी सकते हैं। इसके लिए यदि सितंबर और अक्तूबर का महीना चुना जाएगा तो बिना किसी परेशानी के दर्शन हो जाएंगे। वर्तमान में मौजूदा फोर्स भी यातायात प्रबंधन में समस्याओं का सामना कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने हिमाचल की ओर से आने वाले यात्रियों से यमुनोत्री-गंगोत्री जाने के लिए मसूरी का रास्ता न चुनने की अपील की है।