उत्तराखंड के बागेश्वर में द्यांगण गांव के लोगों ने पिछले साल तेंदुए को पकड़ने के लिए गरुड़ रोड पर धरना दिया था। यातायात बाधित करने के आरोप में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दर्शन सिंह कठायत समेत 22 ग्रामवासियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
अब एक साल बाद गांव के 22 लोगों को समन मिला है, जिससे ग्रामीण आतंकित हैं। इन 22 ग्रामीणों को 10 दिसंबर को कोर्ट में पेश होना है। इन ग्रामीणों में वन पंचायत के सरपंच पूरन रावल, गोविंद कठायत, गोविंद रावल, दिनेश परिहार, बसंती देवी, इंदिरा कठायत, गीता देवी, पूरन आदि शामिल हैं।
तेंदुए ने गांव के एक बच्चे को मार दिया था, जिसके बाद लोग आक्रोशित हुए थे। इधर, ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने ग्रामवासियों की मदद करने के बजाय मुकदमे दर्ज कर दिए हैं। ऐसा ही मामला गरुड़ के हरिनगरी गांव में भी चल रहा है। इसमें भी कई ग्रामीणों को समन मिले हैं।
मुकदमा दर्ज होने पर आरोपियों को नोटिस भेजकर पुलिस कार्रवाई की सूचना दी जाती है। नोटिस को तामील कराना भी कानूनी कार्रवाई का अनिवार्य भाग है। इस मामले में भी ऐसा किया गया था।
- मदनलाल, कोतवाल, बागेश्वर।