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स्वामी शिवानंद को उठाने पहुंची टीम, मौन धारण कर पर्चे पर लिखकर कर रहे बात

Sun, 28 May 2017 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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shivanand
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गंगा में खनन के खिलाफ उग्र तप करते हुए जल का त्याग कर मौन धारण कर चुके स्वामी शिवानंद को उठाने के लिए शनिवार देर शाम पुलिस प्रशासन की एक टीम मातृसदन पहुंची।
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एसडीएम मनीष कुमार और सीओ कनखल जयदेव आर्य ने स्वामी शिवानंद से वार्ता करते हुए जल ग्रहण करने का आग्रह किया। मौन धारण करने के चलते स्वामी शिवानंद ने लिखकर उनसे वार्ता की और गंगा में खनन बंद होने और अधिकारियों के निलंबन होने तक जल लेने से साफ इनकार कर दिया। आग्रह के बाद टीम वापस लौट आई।      

गंगा में वन विकास निगम का खनन खोलने के विरोध में मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद इन दिनों उग्र तप कर रहे हैं। उनसे पहले ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद 11 दिन अनशन पर रहे।  स्वामी शिवानंद ने शुक्रवार के बाद शनिवार को भी जल ग्रहण नहीं किया। शनिवार की सुबह उन्होंने मौन धारण कर लिया।
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दो दिन से जल न लेने पर  खतरा देखते हुए प्रशासन की तरफ से एसडीएम मनीष कुमार और सीओ कनखल जयदेव आर्य देर शाम मातृसदन पहुंचे। गेट पर काफी देर तक ब्रह्मचारी दयानंद से उनकी वार्ता होती रही। स्वामी शिवानंद से वार्ता का अनुरोध करने पर ब्रह्मचारी दयानंद ने अनुमति लेकर उनकी स्वामी शिवानंद से वार्ता कराई।       

दोनों अधिकारियों ने स्वामी शिवानंद से जल ग्रहण करने का आग्रह किया, मगर स्वामी शिवानंद ने लिखकर आग्रह का जवाब देते हुए साफ किया कि जब तक गंगा में खनन बंद नही होगा और पांचों जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित नहीं किया जाता, वे जल ग्रहण नहीं करेंगे। स्वामी शिवानंद के न मानने पर अधिकारी वापस लौट गए। वहीं एसडीएम सदर मनीष कुमार सिंह का कहना है कि स्वामी शिवानंद को जल ग्रहण करने के लिए आग्रह करने गए थे, मगर स्वामी शिवानंद नहीं माने। आला अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।      
      
सुबह से मातृसदन के दरवाजों पर थे ताले      
प्रशासन की ओर से बलपूर्वक स्वामी शिवानंद को उठाने की भनक मातृसदन के अनुयायियों को शनिवार की सुबह से लग गई थी। इसी के चलते मातृसदन के मुख्य द्वार से लेकर अंदर स्वामी शिवानंद के कमरे में चैनल गेट पर ताला लगा दिया गया था। स्वामी शिवानंद दिन भर कमरे के आंगन में रहे और चैनल गेट पर ताला लगा रहा। मातृसदन से जुड़े गंगा भक्तों का आना जाना भी लगा रहा। देर शाम प्रशासन पहुंचा तो सूचना पाकर तब भी मातृसदन के समर्थक वहां पहुंचे। डा. हेमंत ध्यानी, अधिवक्ता अरुण भदौरिया आदि ने भी एसडीएम से वार्ता की।      
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