विरासत के आयोजकों ने हद ही कर दी। सोमवार को शांतिपूर्ण माहौल में वार्ता करने गए डीएवी के छात्रों पर विरासत के आयोजकों के इशारे पर लाठियां भांजी गई।
इतना ही नहीं कार्यक्रम की कवरेज को गए कुछ मीडिया-कर्मियों को भी इसकी चपेट में ले लिया गया। इसके बाद हंगामा बढ़ता देख आयोजक बजाय मामले को निपटाने के अंदर दुपक कर बैठ गए।
स्थानीय कलाकारों को विरासत में मौका
पिछले कई दिनों से स्थानीय कलाकारों को विरासत में मौका दिए जाने की मांग जोर पकड़ रह थी। सोमवार को इसी मसले पर वार्ता करने के लिए कुछ छात्र संगठन आयोजकों के पास पहुंचे। इस पर आयोजक लोकेश ओहरी छात्रों से वार्ता करने के लिए बाहर आए।
छात्रों के कहने पर आयोजकों ने उनकी बात मानी और एक बार फिर से भरोसा दिलाया कि कलाकारों को मौका देंगे। वार्ता के दौरान ही सिटी मजिस्ट्रेट जीसी गुणवंत भी वहां पहुंच गए जबकि आयोजन स्थल पर पहले से ही पीएसी तैनात थी।
पीएसी ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी
सिटी मजिस्ट्रेट के सम्मुख दोनों पक्ष वार्ता कर ही रहे थे कि तभी अचानक ही छात्रों पर पीएसी ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी। अचानक हुई इस कार्रवाई में किसी छात्र का कंधा टूट गया तो किसी के पैर में चोट आई। जैसे-तैसे छात्र वहां से जान बचाकर भागने लगे।
इतनी देर में पीएसी के जवानों ने बिना कुछ सोचे-समझे मीडिया कर्मियों पर भी लाठियां भांजनी शुरु कर दी। बावजूद मीडियाकर्मी के बार-बार यह कहने पर भी कि हम मीडिया से हैं फिर भी पीएसी के जवान नहीं रुके।
आयोजकों ने नहीं दिया स्पष्टीकरण
इसके बाद छात्र बाहर गेट पर एकत्रित हुए और यही पूछते रहे कि आखिर हमारी क्या गलती थी, हमें क्यों मारा गया? आयोजकों ने अभी तक पूरे मामले में अभी तक किसी प्रकार को स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
आर्यन ग्रुप के मीडिया प्रभारी सौरभ का पूरे मामले में कहना है कि हम बेहद ही शांतिपूर्ण तरीके से वार्ता कर रहे थे, हमें नहीं पता कि क्यों अचानक हम पर लाठियां भांज दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस बात का जवाब हम आयोजकों से जरूर लेंगे। साथ ही कहा कि मीडिया पर बिना किसी बात के ही लाठीचार्ज कर दिया गया जो कि निंदनीय है।