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पुलिस स्मृति परेड: सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीदों को किया याद, की ये घोषणाएं

Mon, 21 Oct 2019 11:57 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • पुलिस का वर्दी धुलाई भत्ता, सफाई कर्मियों का मानदेय बढ़ाया
  • स्मृति दिवस पर पुलिस लाइन में आयोजित परेड में मुख्यमंत्री ने की घोषणा, शहीद पुलिसकर्मियाें को दी श्रद्धांजलि 
  • बंदियाें के भोजन की धनराशि 45 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये की 
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परेड के दौरान पुलिस कर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्मृति दिवस पर पुलिस लाइन में आयोजित रैतिक परेड में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत कई अधिकारियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि देकर उनकी शहादत को सलाम किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के वर्दी धुलाई भत्ते को 150 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये करने, पुलिस विभाग के सफाई कर्मचारियों का मानदेय 1500 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये और विचाराधीन बंदियाें के दो समय के भोजन की धनराशि 45 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये करने की घोषणा की। 

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सोमवार को पुलिस लाइन में आयोजित परेड में शामिल पुलिसकर्मियों ने शस्त्र झुकाकर मातमी धुन के बीच शहीदों को सलामी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्यूटी के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले पुलिस कर्मचारी हम सब के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। पूरा देश आज उनके सम्मान में नतमस्तक है। उन्हाेंने कहा कि उत्तराखंड की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं नेपाल, चीन और अंतरराज्जीय सीमाएं हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश से मिलती है। भौगोलिक और सामरिक महत्व के दृष्टिगत राष्ट्र की सुरक्षा के लिए यह प्रदेश संवेदनशील और महत्वपूर्ण है।

पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि हरिद्वार जिले में ड्यूटी करते समय कांस्टेबल योगराज सिंह ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्हाेंने शहीद को नमन करते हुए कहा कि पुलिस का कार्य 24 घंटे का होता है। थाना कभी बंद नहीं होता। प्रतिदिन अपराध, शांति व्यवस्था, आपदा और आंतरिक सुरक्षा की जटिलताएं पुलिस के लिए नई-नई चुनौती पेश कर रही हैं।
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इसलिए मनाया जाता है स्मृति दिवस   
 
21 अक्तूबर 1959 को भारत की उत्तरी सीमा पर लद्दाख के 15 हजार फ ीट ऊंचे बर्फ ीले क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस की एक गश्ती टुकड़ी के 10 जवानों ने चीनी अतिक्रमणकारियों से लोहा लिया। बहादुरी से लड़ते हुए इन जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। इन्हीं वीर सपूतों के बलिदान की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।

विगत एक वर्ष में पूरे भारत में राज्य पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों के 292 कर्मियों ने कर्तव्य पालन के दौरान अपने जीवन की आहुति दी है। इनमें आंध्र प्रदेश में दो, अरुणाचल में तीन, बिहार में सात, छत्तीसगढ़ में 14, हरियाणा में तीन, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, त्रिपुरा और उत्तराखंड में एक-एक, जम्मू-कश्मीर में 24, झारखंड में पांच, कर्नाटक में 12, मध्य प्रदेश में दो, महाराष्ट्र में 20, मणिपुर और ओडिशा में दो-दो, उत्तर प्रदेश में पांच, पश्चिमी बंगाल में सात और दिल्ली में 10 ने शहादत पाई।  

शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों का सम्मान

स्मृति दिवस परेड के दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद कांस्टेबल परशुराम भट्ट की पत्नी कमलेश्वरी भट्ट और जगदीश प्रसाद की पत्नी अंजू डोबरियाल को शॉल भेंटकर सम्मानित किया।  

स्मृति परेड में यह हुए शामिल

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, मंत्री मदन कौशिक, मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विनोद चमोली, जार्ज आईवान एंग्लो इंडियन, ऋषिकेश की मेयर अनीता ममगईं, मुख्य सचिव उत्पल कुमार, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव गृह नितेश कुमार झा, प्रमुख सचिव आनंद वर्द्धन, कमिश्नर रविनाथ रमन, सेवानिवृत्त डीजीपी सुभाष जोशी, एबी लाल, जेएस पांडे, राम सिंह मीणा, बीपी नैनवाल, सेवानिवृत्त विशेष महानिदेशक रेणुका पट्ट्र, पुलिस शिकायत प्राधिकरण बीएस वर्मा, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना वी. विनय कुमार, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल, आईजी गढ़वाल अजय रौतेला, आईजी कार्मिक पुष्पक ज्योति, डीआईजी विमला गुंज्याल, एसएसपी अरुण मोहन जोशी, एसडीआरएफ सेनानायक तृप्ति भट्ट, आईपीएस राजीव कुमार, मणिकांत मिश्रा, एसपी सिटी श्वेता चौबे, एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल, एसपी यातायात प्रकाश चंद आर्य आदि मौजूद रहे। संचालन उप निरीक्षक पूनम ने किया।

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