उत्तराखंड में शराब का विरोध करने वालों के लिए बुरी खबर है। ठेके में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
मामला बागेश्वर जनपद के कांडा का है। यहां छप्पर में चलाए जा रहे शराब के ठेके में तोड़फोड़ करने के मामले में ठेकेदार ने दो महिला ग्राम प्रधानों सहित 40 महिला-पुरुषों के खिलाफ कांडा थाने में मुकदमा दर्ज किया है। महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से क्षेत्रवासियों में आक्रोश फैल गया है। क्षेत्र के तमाम संगठनों ने मुकदमा वापस नहीं लेने पर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
ठेका संचालक की लिखित शिकायत के बाद हुआ मुकदमा
wine shop sealed
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि 28 अप्रैल को कांडा पड़ाव को जाने वाली सड़क किनारे कच्चे छप्पर में संचालित हो रहे शराब के ठेके को महिलाओं ने तोड़ दिया था। जबकि शराब की बोतलों को कब्जे में ले लिया था। बाद में ठेका संचालित नहीं करने की चेतावनी देते हुए शराब के लगभग ढाई सौ अद्धे - पव्वे ठेकेदार को वापस लौटा दिए थे।
इस मामले में ठेका संचालक सुंदर गोस्वामी की ओर से सोमवार को कांडा थाने में नारायणगूंठ की ग्राम प्रधान सविता नगरकोटी, धपोली की प्रधान निर्मला धपोला, भगवान माजिला, गुसांई सिंह धपोला सहित 40 महिला- पुरुषों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पुलिस ने आईपीसी की धारा 341, 504, 427, 147, 148 के तहत मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इधर आंदोलनकारी महिलाओं और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से क्षेत्र की जनता में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है। पूर्व प्रधान और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुंदर सिंह गड़िया ने कहा है कि साजिश के तहत आंदोलनकारी महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो पूरे क्षेत्र की जनता प्रशासन के खिलाफ सड़कों में उतरेगी।