पुलिस को कर्मचारियों पर लाठियां फटकारनी पड़ीं तो इसमें कुछ कर्मचारियों को चोटें भी आईं। चार कर्मचारियों का दून अस्पताल में प्राथमिक इलाज कराना पड़ा। बागेश्वर निवासी एक कर्मचारी की हालत गंभीर बताई जा रही है। देर रात तक कर्मचारी लैंसडॉन चौक पर डटे थे।
अप्रैल में जीवीके कंपनी से बाहर किए गए 108 कर्मचारियों का प्रदर्शन 30 अप्रैल से परेड ग्राउंड के पास चल रहा है। प्रदर्शन के क्रम में कर्मचारी कभी मुंडन तो कभी खून से पत्र लिखकर अपनी मांग रख चुके हैं।
बीते बृहस्पतिवार को भी कर्मचारियों ने सचिवालय के लिए कूच किया था, लेकिन पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। कर्मचारियों का प्रदर्शन सचिवालय पर नहीं हो सका तो देर रात तक जेल परिसर के बाहर धरना देते रहे। हालांकि कर्मचारियों की मांगों का कोई समाधान नहीं निकल सका है।