क्या कहते हैं चौकी प्रभारी
चौकी प्रभारी उमेश कुमार का कहना है कि वीडियो 12 दिसंबर 2017 का है। उस वक्त वे प्रशासन के निर्देशानुसार देर रात तक खुलने वाले रेस्टोरेंट और ढाबों की चेकिंग कर रहे थे। जिस रेस्टोरेंट की यह घटना है उसे बार बार हिदायत दी गई थी, मगर ढाई बजे तक भी यह खुला था। उस वक्त वहां के कर्मचारी को लाया गया और थाने में बैठाया गया। इसकी जीडी में भी एंट्री की गई है। उस वक्त रेस्टोरेंट में कोई ग्राहक नहीं था।
जीडी में लिखा ग्राहक नहीं, जबकि वीडियो में दिख रहे
वीडियो में समय तो नहीं दिखाया जा रहा है, लेकिन रेस्टोरेंट में चार ग्राहक बैठे दिख रहे हैं। इन्हें चौकी प्रभारी के पीछे से आए सिपाही ने इशारा कर भगाया। जबकि, जीडी में एंट्री है कि उस वक्त रेस्टोरेंट में कोई ग्राहक नहीं था।