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I3.90 करोड़ रुपये में तैयार हुई हैं वैन, सातवीं वैन का इंतजारI
Iआपराधिक घटना के बाद घटनास्थल पर फोरेंसिक जांच के लिए छह फोरेंसिक वैन पुलिस को मिल गई हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन वैन को हरी झंडी दिखाकर जिलों के लिए रवाना किया। ये वैन पहले चरण में आई हैं, जिसमें अभी एक और वैन का इंतजार किया जा रहा है। इस चरण में राजधानी दून समेत सात जिलों को वैन मिल जाएंगी।I
Iबता दें कि तीन नए आपराधिक कानूनों में वैज्ञानिक जांच पर अधिक जोर दिया गया है। इनमें अपराध होने के बाद मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट का पहुंचना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में पुलिस को फोरेंसिक में बड़े बदलाव करने की जरूरत है। इसी क्रम में पुलिस को सात फोरेंसिक लैब वैन पहले चरण में दी जा रही हैं। इनमें छह वैन मंगलवार को मिल गई। प्रत्येक वैन की लागत करीब 65 लाख रुपये है। सीएम आवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छह वैन को हरी झंडी दिखाकर जिलों के लिए रवाना किया है।
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Iप्रत्येक वैन में ड्रग डिटेक्शन किट, एक्सप्लोसिव किट, फिंगर प्रिंट्स किट, फुट प्रिंट किट, डीएनए किट, जनरेटर, साइबर सुरक्षा से संबंधित सॉफ्टवेयर, वीडियो कैमरा और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इनसे मौके पर ही पहुंचकर फोरेंसिक जांच की जा सकेगी। इससे साक्ष्यों के मिटने की संभावना भी कम हो जाएगी। फिलहाल इन वैन को देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा और श्रीनगर जिलों के लिए भेजा गया है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, विधायक दिलीप रावत, गृह सचिव शैलेश बगौली, एडीजी एवं निदेशक फोरेंसिक साइंस अमित कुमा सिन्हा, डॉ. मनोज अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।I