बाहर से लड़कियां लाकर खुलेआम जिस्मफरोशी का धंधा चलाया जा रहा था। लड़कियों को इसके लिए एक हफ़ते के 25-25 हजार रुपए भी मिलने थे । लेकिन तभी वहां पुलिस पहुंच गई, और पूरे धंधे का भांडाफोड़ हो गया।
कनखल के द्वारिका विहार से चल रहे जिस्मफरोशी के धंधे का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने दो सेक्स रैकेट संचालक दबोचे हैं, जबकि पंजाब और हरियाणा की तीन युवतियां बरामद की हैं।
जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दी गई युवतियों को आकर्षक रकम का लालच दिया जाता था। बकौल पुलिस रैकेट संचालक एक युवती को एक सप्ताह के 25 हजार रुपये देते थे और ठहरने, खाने पीने की जिम्मेदारी भी वे खुद ही उठाते थे। कम पढ़ी लिखी और गरीब तबके से ताल्लुक रखने वाली यह युवतियां इनके चंगुल में फंस जाती थी।
बाहरी कई राज्यों से जुड़े हैं कनेक्शन
बुधवार देर रात प्रभारी निरीक्षक रानीपुर प्रदीप बिष्ट, एसओ कनखल अनुज सिंह, मानव तस्करी निरोधक दस्ते की प्रभारी साधना त्यागी की अगुवाई में टीम ने हरिद्वार- दिल्ली हाईवे पर ऊंचा पुल के पास दबिश दी।
टीम ने दो युवकों को दबोचते हुए दो युवतियां मुक्त करा ली। थाने लाकर की गई पूछताछ में सामने आया कि युवतियों को जिस्मफरोशी के लिए भेजा था और ग्राहक का इंतजार कर रहे थे।
एसओ कनखल अनुज सिंह ने बताया कि सेक्स रैकेट संचालक प्रिंस उर्फ अक्षय पुत्र महेंद्र सिंह निवासी जीटी रोड दबूर्जी थाना चाटी पिंड अमृतसर पंजाब एवं विवेक कुमार पुत्र जयभगवान निवासी द्वारिका विहार ही युवतियों को बहला फुसलाकर जिस्मफरोशी कराते थे।
गर्लफ्रेंड को भी धंधे में लगा दिया
आरोपी अक्षय ही पंजाब और हरियाणा से युवतियों को लाता था और विवेक ग्राहक उपलब्ध कराता था। एसओ ने बताया कि रोडवेज बस स्टैंड से तीसरी युवती को भी बरामद किया गया। युवतियां गुरदासपुर, अमृतसर पंजाब और पानीपत हरियाणा की रहने वाली है।
बताया कि द्वारिका विहार में ही युवतियों को रखा जाता था। रैकेट संचालक विवेक ने मकान किराये पर ले रखा था। सत्यापन न कराने पर मकान मालिक का भी पुलिस ने चालान किया है। प्रभारी निरीक्षक प्रदीप बिष्ट की ओर से इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया है।
रैकेट संचालक प्रिंस एक युवती को अपनी गर्लफ्रेंड बताता रहा। 12वीं तक पढ़ा लिखा प्रिंस बेरोजगार है। दूसरा संचालक मूल रूप से गांव जगजीतपुर का रहने वाला है और उसके पिता पेशे से कारपेंटर रहे हैं।