चारधाम यात्रा में एक दारोगा ने बीमार यात्री को कंधे पर लाद कर दो किमी. दूरी तय की और उसे अस्पताल पहुंचाया।
उत्तराखंड पुलिस का दारोगा चारधाम यात्रा के दौरान एक यात्री के लिए फरिश्ता बनकर आया। जानकारी के मुताबिक मंगलवार को यमुनोत्री में भोपाल के एक यात्री की तबियत खराब हो गई।
सब इंस्पेक्टर लोकेंद्र बहुगुणा मौके पर पहुंचे और यात्री रांझी राजन (55) भोपाल को अपने कंधे पर उठाकर अस्पताल की ओर तेजी से चल दिए। बता दें कि अस्पताल वहां से करीब दो किमी. दूर था।
चार घंटे तक वह चिकित्सकों की निगरानी में रहे रांझी
हुआ यूं कि यमुनोत्री चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर लोकेंद्र हुगुणा मय स्टाफ के जाम खुलवाने हेतु पैदल भैरो घाटी से ऊपर के मोड़ पर गए थे। जाम खुलवाते वक्त वहां भोपाल से आए यात्री रांझी राजन के सीने में जोर का दर्द होने लगा और वह जमीन पर गिर पड़े।
यह देख उनकी पत्नी और अन्य लोग घबरा गए। तुरंत लोकेंद्र बहुगुणा ने रांझी को कंधे पर उठाया और अस्पताल की ओर चल दिए।
दो किमी की खड़ी चढ़ाई पैदल नापकर दारोगा ने यात्री को यमुनोत्री सीजनल अस्पताल पहुंचा दिया। जहां करीब चार घंटे तक वह चिकित्सकों की निगरानी में रहे।
यात्री को आया था माइनर हार्ट अटैक
चिकित्सकों ने बताया कि रांझी को माइनर हार्ट अटैक आया था। लेकिन, समय रहते अस्पताल पहुंचने की वजह उनकी जान बच गई।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रांझी ने परिवार संग यमुनोत्री धाम में मत्था टेका। रांझी के परिजनों ने दारोगा लोकेंद्र बहुगुणा को धन्यवाद कहा। कहा कि मां यमुना ने देवदूत के रूप में उन्हें हमारे पास भेजा।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अशोक कुमार ने भी लोकेंद्र की तारीफ की। उन्होंने पुलिस मुख्यालय की ओर से लोकेंद्र को पांच हजार रुपए का नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।