कोतवाली ज्वालापुर प्रभारी मनोज मैनवाल पर प्रताड़ना का आरोप जड़ते हुए कांस्टेबल तरुण ने एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी को अपना इस्तीफा भेजा है। बुधवार को एसएसपी को सौंपे गए इस्तीफे में कांस्टेबल तरुण ने कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल पर आरोप जड़ा कि बात बात पर उनके इशारे पर मेरे खिलाफ रपट (विभागीय शिकायत) दर्ज कर ली जाती है। वह जब भी कोतवाली प्रभारी से छुट्टी देने की गुजारिश करते हैं तब वह बेहद ही अभद्रता से पेश आते हैं।
आरोप है कि कोतवाली प्रभारी के छुट्टी स्वीकृत न करने पर जब वह वरिष्ठ अधिकारी से छुट्टी स्वीकृत करा लेते हैं तब उन्हें एतराज होता है। कोतवाली प्रभारी धमकी देते हैं कि वह गोपनीय रिपोर्ट भेजकर पहाड़ पर तबादला करा देंगे। आरोप लगाया कि चमोली जिले में उनकी सीजन ड्यूटी पर रवानगी करने के चार घंटे पहले ही सूचना दी गई।
कांस्टेबल ने लिखा है कि वह पिछले दो माह से कोतवाली प्रभारी की प्रताड़ना के चलते बेहद ही दबाव में हैं। शारीरिक और मानसिक तनाव के चलते नौकरी करने में असमर्थ हैं। लिखा है कि भविष्य में उसके साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी कोतवाली प्रभारी या फिर उसे संरक्षण दे रहे अधिकारियों की होगी।
कांस्टेबल तरुण की सीजन ड्यूटी लगाई गई थी। इसलिए वह इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उच्च अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी है। इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं कहना।
- मनोज मैनवाल, कोतवाली प्रभारी ज्वालापुर
मेरे पास कांस्टेबल आया था। उसने इस्तीफा लिखकर दिया है। इतने बड़े परिवार में यह सब छोटी-छोटी बातें सामने आती रहती हैं। हरिद्वार पुलिस का मुखिया होने के नाते मैंने उसे समझा दिया है। फिलहाल वह चमोली में सीजन ड्यूटी पर गया है जब वह लौटेगा फिर कांस्टेबल से बातचीत की जाएगी। यह कोई बड़ा विषय नहीं है।
जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी, एसएसपी हरिद्वार