उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड में भी अवैध बूचड़खानों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। पुलिस और प्रशासन ने शनिवार तड़के राजधानी में छापे मारकर सात अवैध बूचड़खानों को बंद करा दिया। कार्रवाई के दौरान संचालक किसी तरह का लाइसेंस नहीं दिखा सके।
खाद्य विभाग की ओर से नोटिस जारी कर सभी पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अब अवैध कटान पकड़ा गया तो उन्हें सील करने की कार्रवाई की जाएगी। शहर के बाद अब देहात क्षेत्र में अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई होगी।
प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित बूचड़खानों के विरुद्ध मुहिम छेड़ दी है। शनिवार तड़के चार बजे अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरबीर सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह की अगुवाई में नगर निगम, पशु चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम इनामुल्ला बिल्डिंग पहुंची।
यहां चार अवैध बूचड़खाने पाए गए, जहां अवैध रूप से पशुओं का कटान किया जा रहा था। अचानक हुई इस कार्रवाई से कटान कर रहे लोगों में अफरातफरी मच गई।
इन्हें दिए गए नोटिस
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- फोटो : amarujala
यहां बूचड़खाना संचालक अब्दुल सलाम, नौशाद, शहजाद कुरैशी और इरफान कुरैशी को नोटिस देकर उनका चालान किया गया। कार्रवाई के दौरान ये लोग लाइसेंस संबंधी कागजात नहीं दिखा पाए। दूसरी कार्रवाई चुक्खूवाला में विकास सोनकर के यहां हुई।
वहां भी बिना लाइसेंस के पशुओं का कटान हो रहा था। एएसपी सदर लोकेश्वर सिंह के नेतृत्व में मुस्लिम बस्ती कारगी ग्रांट में दो बूचड़खानों पर छापा मारा गया। यहां अवैध मांस बरामद हुआ। मांस को मौके पर ही नष्ट कर चालान की कार्रवाई की गई।
अवैध बूचड़खानों के संचालकों के खिलाफ फूड एंड सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। शहर और ग्रामीण इलाकों में यह कार्रवाई जारी रहेगी।
अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर
इन्हें दिए गए नोटिस
इनामुल्ला बिल्डिंग - अब्दुल सलाम, नौशाद, शहजाद कुरैशी, इरफान कुरैशी
चुक्खूवाला - विकास सोनकर
मुस्लिम बस्ती कारगी ग्रांट - गुलफाम, मुस्तकीम अहमद