आईटीडीए के सीनियर कंसलटेंट प्रोग्राम मैनेजमेंट आलोक तोमर ने बताया कि डिजी लॉकर भारत सरकार की ओर से शुरू की गई सेवा है। इसमें सरकारी और गैर सरकारी दोनों तरह के वाहनों के दस्तावेज रखे जा सकते हैं। मूल प्रति मांगे जाने पर यह अभिलेख दिखाए जा सकते हैं।
डिजी लॉकर में अपलोड दस्तावेज आईटी एक्ट का नियम संख्या 9-ई के तहत मूल प्रति ही माने जाएंगे। एसपी यातायात प्रकाश चंद आर्य ने बताया कि डिजी लॉकर की व्यवस्था पर मंथन चल रहा है। योजना है कि इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा।