सरकारी नौकरियों में आरक्षण और स्थानीय राजधानी की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारी बुधवार सुबह पुलिस को चकमा देकर सीएम कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन वे वहीं धरने पर बैठ गए। इसी बीच पुलिस और आंदोलनकारियों की नोंक झोंक हो गई। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
बता दें कि आंदोलनकारी प्रदेश सरकार से राज्य निर्माण आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने, गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, आंदोलनकारी चिह्नीकरण की तारीख बढ़ाने और राज्य की शराब नीति में जनाकांक्षाओं के अनुरूप संशोधन करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से दिवगंत प्रमुख राज्य आंदोलनकारी वेद उनियाल की स्मृति में देहरादून की एक सड़क का नामकरण करने की मांग की।
उत्तराखंड राज्य चिह्नित आंदोलनकारी समिति के मुख्य संरक्षक धीरेन्द्र प्रताप के नेतृत्व में सत्याग्रह करने सीएम कार्यालय आंदोलनकारियों को पुलिस का विरोध झेलना पड़ा। उन्होंने बताया कि सत्याग्रह में समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे समेत राज्य भर से आए शीर्ष आंदोलनकारी शिरकत करेंगे।